1 होर्मुज जलडमरूमध्य से भारतीय एलपीजी टैंकर “ग्रीन आशा” मुंबई पहुंचा है, जो पश्चिम एशिया संकट के बाद गुजरने वाले आठवें भारतीय जहाज के रूप में महत्वपूर्ण है। ईरान ने इस रास्ते को शर्तों के साथ खोला है, जैसे प्रतिदिन सीमित जहाजों की अनुमति और अमेरिकी फंड्स की मांग। साथ ही, मुंबई मेट्रो-9 और 2B के नए चरण शुरू होने से शहर की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।
ग्रीन आशा का सफर
ग्रीन आशा ने 15,000 टन एलपीजी लादकर होर्मुज पार किया और भारतीय नौसेना के एस्कॉर्ट में मुंबई पहुंचा। यह जहाज MOL इंडिया का है तथा संकट के दौरान फंसे अन्य टैंकरों के बाद राहत की खबर है। कुल आठ एलपीजी टैंकर अब भारत लौट चुके हैं।
ईरान की शर्तें
ईरान ने होर्मुज को सीमित आवाजाही के लिए खोला, लेकिन रोजाना सिर्फ 15 जहाजों को IRGC की अनुमति जरूरी। अमेरिका को दो हफ्ते में फ्रोजन एसेट्स लौटाने का अल्टीमेटम दिया गया है। यह US-ईरान सीजफायर के बाद की स्थिति है।








