नवनीत राणा ने हाल ही में लोकसभा में महिला आरक्षण बिल के पास न होने पर भावुक होकर रोते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए देश की महिलाओं का अधिकार छीन लिया।
घटना का विवरण
16 अप्रैल 2026 को लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पर वोटिंग हुई, जिसमें 298 वोट पक्ष में और 230 विरोध में पड़े। दो-तिहाई बहुमत (कम से कम 352 वोट) न मिलने से बिल गिर गया, साथ ही इससे जुड़े परिसीमन और संघ राज्य विधि संशोधन विधेयक भी लटक गए।
महाराष्ट्र की अमरावती से पूर्व सांसद और बीजेपी नेता नवनीत राणा ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए आंसू बहाए। उन्होंने कहा, “मोदी जी ने महिलाओं के लिए बिल संसद तक पहुंचाया, लेकिन विपक्ष ने महिलाओं का अधिकार छीना। देश की महिलाएं इन्हें माफ नहीं करेंगी। यह महिलाओं के लिए काला दिन है।”
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
बीजेपी की महिला सांसदों ने संसद परिसर में पैदल मार्च निकाला, विपक्ष के खिलाफ नारा लगाया।
गृह मंत्री अमित शाह ने बहस में विपक्ष के सवालों का जवाब दिया, लेकिन समर्थन नहीं मिला।
विपक्ष पर आरोप लगे कि उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए बिल रोका।
पृष्ठभूमि
यह बिल लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण देने का था, जो 2029 चुनाव से लागू होना था। विपक्ष ने परिसीमन और OBC आरक्षण जैसे मुद्दों पर आपत्ति जताई। अब 2034 तक इंतजार हो सकता है।
यह घटना भारतीय राजनीति में महिला सशक्तिकरण बहस को तेज करती है, जहां बीजेपी सरकार इसे अपनी उपलब्धि बताती रही है। नवनीत राणा की भावुक अपील ने सोशल मीडिया पर भी चर्चा छेड़ दी।








