क्या NCP (SP) NDA में शामिल होगी?
फिलहाल ऐसा कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। 10 अगस्त 2026 को सुप्रिया सुले के नेतृत्व में शरद पवार गुट के आठ सांसदों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लगभग 15 मिनट मुलाकात की, लेकिन सुले ने स्पष्ट किया कि बैठक में NDA में शामिल होने या किसी राजनीतिक गठजोड़ पर चर्चा नहीं हुई।
बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
सांसदों ने मुख्य रूप से महाराष्ट्र से जुड़े मुद्दे उठाए:
लंबित रेलवे और मेट्रो परियोजनाएं।
किसानों की समस्याएं और प्याज की कीमतें।
महाराष्ट्र के विकास कार्य।
महात्मा ज्योतिबा फुले को भारत रत्न देने की मांग।
शरद पवार के स्वास्थ्य के बारे में प्रधानमंत्री की चिंता के लिए आभार।
इसलिए 15 मिनट की मुलाकात को सीधे तौर पर राजनीतिक पाला-बदलने का प्रमाण मानना जल्दबाजी होगी।
अटकलें क्यों तेज हुईं?
पिछले कुछ समय से NCP (SP) के NDA में जाने, अजित पवार गुट से फिर एकजुट होने या महायुति के साथ समझौते की अटकलें चल रही हैं। कुछ रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया कि NDA में प्रवेश से पहले शरद पवार और अजित पवार के गुटों का विलय जरूरी हो सकता है, लेकिन यह कोई घोषित राजनीतिक निर्णय नहीं है।
सुप्रिया सुले इससे पहले कह चुकी हैं कि NCP (SP) को न तो NDA में शामिल होने का और न ही कांग्रेस या अजित पवार गुट के साथ विलय का कोई प्रस्ताव मिला है।
राजनीतिक अर्थ
यह मुलाकात तीन स्तरों पर महत्वपूर्ण है:
संसदीय संवाद: विपक्षी सांसदों का प्रधानमंत्री से मिलना केंद्र और महाराष्ट्र से जुड़े लंबित मुद्दों को आगे बढ़ाने का सामान्य संसदीय तरीका भी हो सकता है।
सियासी संदेश: पवार परिवार और भाजपा के बीच संवाद की संभावना से महाराष्ट्र में अटकलें स्वाभाविक रूप से तेज होती हैं।
गठबंधन पर स्थिति: जब तक शरद पवार, सुप्रिया सुले या पार्टी की ओर से औपचारिक घोषणा नहीं होती, NDA में शामिल होने की खबर को अटकल, न कि पक्की खबर, माना जाना चाहिए।
निष्कर्षतः, अभी उपलब्ध जानकारी के आधार पर शरद पवार गुट के NDA में शामिल होने की पुष्टि नहीं हुई है; बैठक का घोषित एजेंडा महाराष्ट्र के विकास और जनहित के मुद्दे थे।








