- जळगाव जिल्हा परिषद (ZP) के बांधकाम विभाग के उपविभागीय अधिकारी सतीश मनसुलाल शिसोदे को 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए एंटी-करप्शन ब्यूरो (ACB) ने 2 नवंबर 2026 को रंगे हाथों पकड़ा। इसके बाद की छापेमारी में उनके पास करीब 5.16 करोड़ रुपये की संपत्ति मिली।
मामले का सार
धरणगाव तालुका के पिंपरी खुर्द में ग्रामीण सड़क के कंक्रीटीकरण के लगभग 9.90 लाख रुपये के बिल की मंजूरी दिलाने के लिए 10,000 रुपये की रिश्वत मांगी जाने का आरोप है।
ACB के जाल में शिसोदे के साथ सहायक अभियंता भागवत वसंत चवरे को भी गिरफ्तार किया गया।
दोनों के पास से कुल 1 लाख 12,220 रुपये नकद बरामद हुए—शिसोदे के पास 91,620 रुपये और चवरे के पास 20,600 रुपये।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है। अदालत ने शिसोदे को 5 नवंबर तक पुलिस कस्टडी दी है।
छापेमारी में मिली संपत्ति
घर और बैंक लॉकर की तलाशी में कुल 5 करोड़ 16 लाख 88 हजार 389 रुपये की संपत्ति सामने आई।
आदर्शनगर में दो घर।
7 लाख 97 हजार रुपये नकद।
बैंक लॉकर में करीब 3.74 करोड़ रुपये के सोने-चांदी के आभूषण।
2,524 ग्राम सोना, 11,633 ग्राम चांदी और 101 ग्राम प्लैटिनम।
अहम बात
सिर्फ 10,000 रुपये की रिश्वत के मामले से शुरू हुई जांच में करोड़ों की अस्पष्ट संपत्ति मिलने से मामला बहुत गंभीर हो गया है। ACB आगे की जांच और अतिरिक्त संपत्ति की पड़ताल जारी रखे हुए है।








