दिल्ली : भारत सरकार ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए आपत्तिजनक तथा गैरकानूनी कंटेंट हटाने की समयसीमा घटाकर 3 घंटे कर दी है। पहले प्लेटफॉर्मों को ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई के लिए 36 घंटे तक का समय मिलता था। 

भारत सरकार ने सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्मों के लिए आपत्तिजनक तथा गैरकानूनी कंटेंट हटाने की समयसीमा घटाकर 3 घंटे कर दी है। पहले प्लेटफॉर्मों को ऐसे कंटेंट पर कार्रवाई के लिए 36 घंटे तक का समय मिलता था।
क्या बदला है
नए नियमों के तहत YouTube, Facebook, Instagram, X और अन्य प्लेटफॉर्मों को सक्षम प्राधिकरण या अदालत की सूचना मिलने पर चिह्नित सामग्री को तीन घंटे के भीतर हटाना होगा। नियमों का प्रभाव 20 फरवरी 2026 से लागू होने की जानकारी दी गई है।
खास तौर पर इन मामलों पर सख्ती होगी:
डीपफेक और एआई से तैयार किया गया गैरकानूनी कंटेंट।
महिलाओं या किसी व्यक्ति की छवि खराब करने वाले फर्जी वीडियो और तस्वीरें।
बिना सहमति साझा की गई निजी या अश्लील सामग्री।
बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री।
निजता का उल्लंघन और भ्रामक डिजिटल सामग्री।
एआई कंटेंट पर लेबल
एआई से बनाए या बदले गए फोटो, वीडियो और ऑडियो पर स्पष्ट लेबल लगाना अनिवार्य किया गया है, ताकि उपयोगकर्ता उन्हें वास्तविक सामग्री न समझें। प्लेटफॉर्मों को ऐसे कंटेंट की पहचान और लेबल सत्यापन के लिए तकनीकी व्यवस्था भी बनानी होगी।
सरकार का तर्क और चिंता
सरकार का कहना है कि डीपफेक, अश्लील सामग्री और गलत सूचना बहुत तेजी से फैलती है; इसलिए 36 घंटे की समयसीमा डिजिटल नुकसान रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है।
हालांकि, आलोचकों को आशंका है कि तीन घंटे की कठोर समयसीमा से प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त जांच के वैध पोस्ट भी हटा सकते हैं और इसका असर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर पड़ सकता है।

Star CG News 24
Author: Star CG News 24

Rajendra Dhote

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