पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के तहत देशभर में 50.06 लाख से अधिक घरों में रूफटॉप सोलर सिस्टम लग चुके हैं, और सरकार के अनुसार पिछले 9 महीनों में इसकी रफ्तार लगभग 3 गुना बढ़ी है। यह योजना घरेलू छतों पर सोलर लगाकर बिजली बिल कम करने और मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने के लक्ष्य पर आगे बढ़ रही है।
क्या बताया गया
50 लाख का आंकड़ा पार कर लिया गया है, यानी 50.06 लाख से अधिक घरों में इंस्टॉलेशन हो चुके हैं।
सरकार ने इसे तेज़ी से बढ़ती योजना बताया है, जिसमें पिछले 9 महीनों में इंस्टॉलेशन की गति लगभग तीन गुना हुई है।
इसी योजना से 19 लाख परिवारों का बिजली बिल शून्य होने की भी रिपोर्ट है।
योजना का महत्व
यह आंकड़ा दिखाता है कि घरों की छतों पर सौर ऊर्जा अपनाने में तेज़ी आ रही है। योजना का व्यापक लक्ष्य एक करोड़ घरों तक रूफटॉप सोलर पहुंचाना है।
आर्थिक दृष्टि से भी यह महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे परिवारों की बिजली लागत घटती है और नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में 3 kW तक के सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 तक की सब्सिडी मिलती है। आम तौर पर 0–2 kW पर ₹30,000 प्रति kW और 2–3 kW के बीच अतिरिक्त क्षमता पर ₹18,000 प्रति kW सहायता दी जाती है।
आवेदन लगभग पूरी तरह ऑनलाइन होता है:
आधिकारिक पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करें।
राज्य और अपनी DISCOM चुनें।
बिजली कनेक्शन नंबर, मोबाइल नंबर, आधार/पहचान और जरूरी विवरण भरें।
DISCOM से तकनीकी मंजूरी लें।
पंजीकृत वेंडर चुनकर इंस्टॉलेशन कराएं।
नेट मीटर/निरीक्षण पूरा होने के बाद सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
किन दस्तावेज़ों की जरूरत होती है।
आम तौर पर बिजली बिल, पहचान पत्र, मोबाइल नंबर, और बैंक खाते की जानकारी चाहिए होती है। कुछ प्रक्रियाओं में कंज्यूमर नंबर और छत/साइट से जुड़ी जानकारी भी मांगी जाती है।
ध्यान रखने योग्य बात
सब्सिडी मिलने से पहले DISCOM की मंजूरी, स्थापना और निरीक्षण जरूरी होता है। यानी आवेदन के बाद सीधे पैसा नहीं मिलता; प्रक्रिया पूरी होने पर DBT के जरिए राशि आती है।








