पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के बाद सामने आई गड़बड़ियों की शिकायतों के चलते चुनाव आयोग ने दक्षिण 24 परगना जिले के 15 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया। मतगणना से ठीक दो दिन पहले हुए इस फैसले को निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, पुनर्मतदान South 24 Parganas जिले के अंतर्गत कराया गया। इनमें 11 बूथ Magrahat Paschim विधानसभा क्षेत्र में और 4 बूथ Diamond Harbour क्षेत्र में स्थित हैं। इन सभी केंद्रों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन कई शिकायतों के बाद चुनाव आयोग ने दोबारा वोटिंग कराने का निर्णय लिया।
Election Commission of India को इन क्षेत्रों से बड़ी संख्या में शिकायतें मिली थीं। रिपोर्ट के मुताबिक, डायमंड हार्बर से 29 और मगराहाट क्षेत्र से 13 शिकायतें दर्ज कराई गईं। इनमें ईवीएम की खराबी, मतदाताओं को डराने-धमकाने, बूथ कैप्चरिंग और मतदान की गोपनीयता भंग होने जैसे आरोप शामिल थे।
इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने अपने पर्यवेक्षकों और रिटर्निंग अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मंगाई। तथ्यों और परिस्थितियों के मूल्यांकन के बाद पुनर्मतदान का फैसला लिया गया। मतदान सुबह 7 बजे शुरू हुआ और शाम 6 बजे तक शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा।
पुनर्मतदान वाले बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। केंद्रीय बलों की तैनाती के साथ-साथ सीसीटीवी निगरानी और अतिरिक्त पुलिस बल भी लगाया गया, ताकि किसी प्रकार की गड़बड़ी न हो सके। अधिकारियों के अनुसार, मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रही और कहीं से किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली।
इस मुद्दे पर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी जारी है। Bharatiya Janata Party ने आरोप लगाया कि कुछ क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताएं हुई थीं, जिसके कारण पुनर्मतदान की नौबत आई। वहीं, Trinamool Congress ने इन आरोपों को खारिज करते हुए विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगाया।
डायमंड हार्बर संसदीय क्षेत्र, जहां पुनर्मतदान कराया गया, का प्रतिनिधित्व Abhishek Banerjee करते हैं। इस कारण यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में रहा है। चुनाव आयोग ने इन आरोपों की जांच के लिए अपने विशेष पर्यवेक्षक को भी मौके पर भेजा, जिन्होंने जमीनी स्थिति का आकलन किया।
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र में भी पुनर्मतदान को लेकर निर्णय लंबित है, क्योंकि वहां से संबंधित रिपोर्ट अभी आयोग को प्राप्त नहीं हुई है। रिपोर्ट मिलने के बाद ही इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा।
मतदाताओं ने पुनर्मतदान में भी उत्साह दिखाया और बड़ी संख्या में लोग वोट डालने पहुंचे। प्रशासन ने लोगों से बिना किसी डर के अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की।








