मणिपुर के पहाड़ी इलाके उखरुल जिला में शुक्रवार को हुई दो अलग-अलग गोलीबारी की घटनाओं ने एक बार फिर राज्य की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इन घटनाओं में कम से कम तीन लोगों की जान चली गई, जबकि कुछ अन्य घायल हुए हैं। ताजा हिंसा ने क्षेत्र में पहले से जारी सामुदायिक तनाव को और भड़का दिया है।
पुलिस के मुताबिक, पहली घटना तड़के सिनाकेइथी गांव के पास हुई, जहां तांगखुल नागा समुदाय और कुकी समुदाय के बीच अचानक गोलीबारी शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में 29 वर्षीय हॉर्शोकमी जमांग की मौके पर ही मौत हो गई। वह कमजोंग जिले के चाट्रिक खुल्लेन गांव का रहने वाला था। स्थानीय सूत्रों के अनुसार, इस घटना में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
पहली घटना के कुछ समय बाद ही दूसरी गोलीबारी उखरुल के मुल्लम गांव के पास हुई। यह क्षेत्र मुख्य रूप से कुकी समुदाय का माना जाता है। पुलिस ने बताया कि इस मुठभेड़ में दो लोगों की मौत हुई है। मृतकों की पहचान लेटलाल सिटल्हौ उर्फ जेम्स कुकी और पाओमिनलुन हाओलाओ उर्फ हिटलाल कुकी के रूप में की गई है, जो कांगपोकपी जिले के निवासी थे।
घटनाओं के बाद प्रशासन ने तुरंत इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल और अर्धसैनिक बलों को तैनात किया गया है, जबकि संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार गश्त जारी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और किसी भी तरह की नई हिंसा को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी गई है और दोषियों को जल्द ही कानून के दायरे में लाया जाएगा।
मणिपुर के कई हिस्सों में पिछले कुछ समय से विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बना हुआ है। बीच-बीच में होने वाली ऐसी घटनाएं राज्य की कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बनती जा रही हैं। उखरुल जिला, जो पहले अपेक्षाकृत शांत क्षेत्र माना जाता था, अब इस तनाव से अछूता नहीं रहा है।
स्थानीय लोगों में इन घटनाओं के बाद डर का माहौल है। कई गांवों में लोगों ने एहतियात के तौर पर अपने घरों में रहना ही सुरक्षित समझा है। व्यापारिक गतिविधियां भी प्रभावित हुई हैं और जनजीवन पर इसका असर साफ देखा जा सकता है।








