दिल्ली : इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में ईरान के खिलाफ इजरायल के सैन्य अभियान को “अभी पूरा नहीं हुआ” बताते हुए मजबूत बयान दिया है।
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हाल ही में ईरान के खिलाफ इजरायल के सैन्य अभियान को “अभी पूरा नहीं हुआ” बताते हुए मजबूत बयान दिया है, जो अमेरिका-ईरान शांति वार्ता की अटकलों के बीच आया है। बयान का संदर्भ नेतन्याहू ने यरूशलेम में स्मृति दिवस समारोह और एक वीडियो संदेश में कहा कि ईरान में इजरायल का काम अभी बाकी है, खासकर ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाओं और मिसाइल क्षमता को पूरी तरह नष्ट करने को लेकर। उन्होंने दावा किया कि इजरायल ने ऐतिहासिक सफलताएं हासिल की हैं, जैसे ईरान के परमाणु कार्यक्रम को नाकाम करना, लेकिन 400 किलोग्राम से अधिक संवर्धित यूरेनियम अभी भी मौजूद है, जिसे कूटनीति या बल से हटाया जाएगा। शांति वार्ता का बैकग्राउंड अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते का सीजफायर 22 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है, और पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता चल रही है। ये वार्ताएं अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस और ईरानी प्रतिनिधियों के बीच हो रही हैं, लेकिन ईरान ने कई दौर में समझौते से इनकार किया है। नेतन्याहू का बयान ट्रंप प्रशासन की शांति कोशिशों से अलग है, जहां ट्रंप युद्ध को जल्द खत्म करने की बात कर रहे हैं। क्षेत्रीय प्रभाव यह बयान मध्य पूर्व में तनाव बढ़ा रहा है, जहां होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने और लेबनान-हिजबुल्लाह पर हमलों की खबरें हैं। ईरान ने अमेरिका से बातचीत से इनकार किया है, जबकि इजरायल ईरान समर्थित गुटों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने का संकेत दे रहा है। नेतन्याहू का बयान शांति प्रयासों पर सवाल उठाता है, लेकिन इजरायल ईरान के परमाणु खतरे को प्राथमिकता दे रहा है। स्थिति अस्थिर बनी हुई है, और अगले दिनों वार्ता पर नजरें टिकी हैं।