कथित फर्जी पत्र के जरिए RSS प्रमुख और CM हिमंता बिस्वा सरमा के बीच दरार दिखाने का प्रयास विफल हो गया।
विवाद का सार
कांग्रेस समर्थकों द्वारा फैलाए गए कथित फर्जी दस्तावेजों से सरमा परिवार को बदनाम करने की कोशिश हुई, लेकिन BJP नेताओं ने इसे फेक न्यूज करार दिया । सरमा ने IPC धारा 420 और 468 के तहत कार्रवाई की बात कही, जिसमें फर्जी दस्तावेज बनाने पर 7 साल तक की सजा हो सकती है । असम में घुसपैठ और डेमोग्राफी मुद्दों पर सरमा की लाइन को RSS ने स्पष्ट समर्थन दिया ।
कानूनी पहलू
फर्जी दस्तावेज बनाने पर BNS धारा 336-339 के तहत 3 से 10 साल की सजा या आजीवन कारावास तक का प्रावधान है । सरमा की पत्नी ने FIR दर्ज कराई, पुलिस सख्ती बरतेगी । असम चुनाव 2026 से पहले यह प्रोपेगेंडा शांति भंग करने की साजिश माना जा रहा।
राजनीतिक संदर्भ
RSS ने सरमा पर चिंता जताई, लेकिन फर्जी खबरों को खारिज किया । BJP इसे कांग्रेस की साजिश बता रही, जो असम की एकता को निशाना बनाती है ।








