ईरान और पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को लेकर देशभर में फैल रही अफवाहों के बीच केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने जनता को आश्वस्त करते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा है कि भारत में न तो लॉकडाउन लगाने की कोई योजना है और न ही पेट्रोल, डीजल या गैस की कोई गंभीर कमी होने वाली है।
सरकार की ओर से यह बयान उस समय आया है जब सोशल मीडिया पर ईंधन संकट और संभावित लॉकडाउन को लेकर कई तरह की अफवाहें तेजी से फैल रही थीं। इन अफवाहों के कारण कई जगहों पर लोगों ने घबराकर पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों पर लंबी कतारें लगा दी थीं।
गृह मंत्री अमित शाह ने इन खबरों को “बेबुनियाद और भ्रामक” बताते हुए कहा कि देश में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति बनी हुई है और सरकार स्थिति पर लगातार नजर रखे हुए है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और घबराहट में खरीदारी से बचें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा हालात से निपटने के लिए एक उच्च स्तरीय निगरानी तंत्र बनाया गया है, जो पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई पर लगातार नजर रख रहा है। इस व्यवस्था की अगुवाई खुद अमित शाह कर रहे हैं, ताकि किसी भी तरह की कमी या बाधा को तुरंत दूर किया जा सके।
हालांकि, यह भी सच है कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। खासकर होर्मुज़ जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण मार्गों पर तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें बढ़ी हैं और सप्लाई चेन पर असर पड़ा है।
भारत सरकार ने इन चुनौतियों को देखते हुए वैकल्पिक स्रोतों से तेल और गैस की आपूर्ति सुनिश्चित करने के प्रयास तेज कर दिए हैं। साथ ही उद्योगों को भी ऊर्जा के बेहतर उपयोग और वैकल्पिक संसाधनों की ओर बढ़ने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि भले ही वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट की आशंका बनी हुई है, लेकिन भारत ने अपनी रणनीति और भंडारण क्षमता के जरिए स्थिति को काफी हद तक नियंत्रित रखा है। सरकार का फोकस इस समय आम जनता तक जरूरी ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करना है।








