नई दिल्ली: भारत ने ‘पैक्स सिलिका’ घोषणा पर हस्ताक्षर कर उभरती प्रौद्योगिकियों और महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में अमेरिका के साथ सहयोग को नई दिशा दी है। यह पहल अमेरिकी नेतृत्व में शुरू की गई है और इसे वैश्विक तकनीकी आपूर्ति शृंखला को सुरक्षित व पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
इस पहल के तहत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर निर्माण, उन्नत कंप्यूटिंग और डेटा सुरक्षा के क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ जैसे महत्वपूर्ण खनिजों की खोज, खनन और प्रोसेसिंग में सहयोग की रूपरेखा भी तैयार की जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस समझौते से भारत को तकनीकी निवेश, कौशल विकास और वैश्विक बाजारों तक बेहतर पहुंच मिल सकती है। इससे घरेलू स्टार्टअप और विनिर्माण क्षेत्र को भी लाभ होगा।
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, यह कदम आत्मनिर्भरता और हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूत करेगा। आने वाले समय में संयुक्त कार्य समूहों और औद्योगिक परियोजनाओं की घोषणा की संभावना जताई जा रही है।








