शिव जयंती के अवसर पर आज देश के विभिन्न हिस्सों में सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की धूम रही। महान मराठा शासक Chhatrapati Shivaji Maharaj की स्मृति में शोभायात्राएं, ढोल-ताशा पथक, नाट्य प्रस्तुतियां और ऐतिहासिक झांकियां निकाली गईं। युवाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़ी घटनाओं का मंचन किया।
शिवाजी महाराज का जीवन केवल युद्धों तक सीमित नहीं था, बल्कि उन्होंने सुशासन और सामाजिक न्याय की मजबूत नींव रखी। उनके शासन में सभी धर्मों को सम्मान मिला और महिलाओं की सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया गया। यही कारण है कि उन्हें एक आदर्श और जनप्रिय शासक माना जाता है।
कई स्थानों पर शिव जयंती को सेवा-दिवस के रूप में भी मनाया गया। रक्तदान शिविर, स्वच्छता अभियान और पौधारोपण कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजकों का कहना है कि शिवाजी महाराज की सच्ची श्रद्धांजलि उनके आदर्शों को व्यवहार में उतारना है।
शिक्षाविदों और सामाजिक नेताओं ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शिवाजी महाराज के साहस, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा लें। शिव जयंती हमें याद दिलाती है कि मजबूत चरित्र, न्यायपूर्ण शासन और समाज के प्रति जिम्मेदारी ही सच्चे स्वराज्य की पहचान है।
Author: Star CG News 24
Rajendra Dhote








