ईरान के ग्राउंड फोर्स कमांडर ब्रिगेडियर जनरल अली जहांशाही ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर कोई अमेरिकी सैनिक ईरान की धरती पर कदम रखता है, तो उसे “कड़ा और तत्काल जवाब” दिया जाएगा। मीडिया रिपोर्टों में उनके बयान को बेहद आक्रामक भाषा में—“पैर काट देंगे” या “अपने पैरों पर वापस नहीं लौट पाएगा”—बताया गया है।
बयान का संदर्भ
यह धमकी ईरान-अमेरिका के बीच बढ़े सैन्य तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर जारी टकराव के बीच सामने आई है। ईरानी सैन्य नेतृत्व का संदेश मुख्य रूप से यह है कि अमेरिका अगर हवाई या समुद्री कार्रवाई से आगे बढ़कर जमीनी हमला करता है, तो ईरान अपनी सीमा की रक्षा के लिए जवाबी सैन्य कार्रवाई करेगा।
ईरान पहले भी चेतावनी दे चुका है कि अमेरिकी हमले की स्थिति में वह क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों को निशाना बना सकता है।
इसका मतलब
यह बयान तत्काल जमीनी युद्ध शुरू होने की आधिकारिक घोषणा नहीं है।
यह अमेरिका को ग्राउंड ऑपरेशन से दूर रहने की रणनीतिक चेतावनी है।
ऐसी बयानबाजी से खाड़ी क्षेत्र में तनाव, तेल आपूर्ति और होर्मुज़ जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चिंता बढ़ सकती है।
वास्तविक स्थिति का आकलन केवल बयान से नहीं, बल्कि अमेरिकी सैन्य तैनाती और ईरान की अगली कार्रवाई से होगा।








