अहमदाबाद: गुजरात में साइबर अपराध के खिलाफ चल रही सख्त कार्रवाई के बीच पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। राज्य की सीआईडी क्राइम की साइबर इकाई ने एक अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस नेटवर्क के जरिए देशभर में 50 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की गई थी। जांच के दौरान सामने आई जानकारी ने पुलिस को भी चौंका दिया, क्योंकि इस मामले के तार एक अन्य संगठित अपराध से भी जुड़े पाए गए हैं, जिसमें पूर्व नेता Baba Siddique के हत्या प्रकरण का जिक्र सामने आया है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह गिरोह बेहद संगठित तरीके से काम कर रहा था और अलग-अलग राज्यों में फैले साइबर अपराध मामलों से जुड़ा हुआ था। अब तक की जांच में सामने आया है कि इस नेटवर्क के खिलाफ लगभग 20 राज्यों में 130 से अधिक शिकायतें दर्ज हैं। इनमें गुजरात, महाराष्ट्र, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश और केरल जैसे राज्य शामिल हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग ठगी का शिकार हुए।
गिरोह का काम करने का तरीका भी बेहद सुनियोजित था। आरोपी लोगों को बैंक खाते किराए पर देने के लिए लालच देते थे और इसके बदले उन्हें कमीशन दिया जाता था। इन खातों को “म्यूल अकाउंट” के रूप में इस्तेमाल किया जाता था, जिनके जरिए ठगी की रकम को एक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर कर ट्रैकिंग से बचा जाता था। इस नेटवर्क के जरिए निवेश योजनाओं, फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और UPI फ्रॉड के नाम पर लोगों को निशाना बनाया जाता था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और डिजिटल डेटा की गहन जांच की। इसमें करीब 200 बैंक खातों की जानकारी सामने आई, जिनमें से 60 खाते सक्रिय रूप से अवैध लेनदेन में उपयोग किए जा रहे थे। पुलिस का अनुमान है कि इन खातों के माध्यम से करीब 53.55 करोड़ रुपये का लेनदेन हुआ है।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा तब हुआ जब जांच में पता चला कि इन खातों में से एक का इस्तेमाल एक अलग संगठित अपराध में भी किया गया था। यह मामला पूर्व राजनेता बाबा सिद्दीकी की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने अभी इस संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, लेकिन इस कड़ी ने साइबर अपराध और संगठित अपराध के बीच संभावित गठजोड़ की ओर संकेत जरूर दिया है।
पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से कई अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनमें मोबाइल फोन, बैंक पासबुक, चेक बुक, एटीएम कार्ड और अन्य वित्तीय दस्तावेज शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई “ऑपरेशन म्यूल हंट” के तहत की गई है, जो फर्जी बैंक खातों के इस्तेमाल पर रोक लगाने के लिए चलाया जा रहा अभियान है।
पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है और संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। साथ ही, विभिन्न राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय कर इस गिरोह के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश की जा रही है।








