अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने हाल ही में एआई और डीपफेक तकनीक से आधार डेटा हैक करने वाले एक हाईटेक फ्रॉड गैंग का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक कारोबारी के आधार से जुड़ी जानकारी का दुरुपयोग कर लोन लिया गया, और मास्टरमाइंड आशिष है जो UIDAI से जुड़ी प्राइवेट एजेंसी में काम कर चुका था।
फ्रॉड की विधि
गिरोह ने पीड़ित कारोबारी के फोटो से Gemini AI और Meta AI जैसे टूल्स से डीपफेक वीडियो बनाया, जिसमें आंखें झपकने जैसी हरकतें दिखाई गईं ताकि बायोमेट्रिक लाइवनेस डिटेक्शन को धोखा दिया जा सके। इस वीडियो से CSC केंद्र पर आधार में मोबाइल नंबर बदल दिया, जिससे OTP उनके कंट्रोल में आ गया और DigiLocker से दस्तावेज चुरा लिए। फिर जियो पेमेंट्स बैंक में खाता खोलकर 25 हजार रुपये का लोन ले लिया।
आरोपी और गिरफ्तारियां
मास्टरमाइंड आशिष (आशीष वालैंड) को UIDAI सिस्टम की अच्छी जानकारी थी और वह पहले ब्लैकलिस्ट हो चुका था, फिर भी आणंद के CSC ऑपरेटर से मिलकर फ्रॉड रचा। पुलिस ने कनुभाई परमार, आशीष वालैंड, मोहम्मद कैफ पटेल और दीप गुप्ता को गिरफ्तार किया है। जांच जारी है और UIDAI को सिस्टम कमियों के बारे में सूचित किया गया।
बचाव के उपाय
mAadhaar ऐप या UIDAI वेबसाइट से बायोमेट्रिक लॉक करें ताकि अनधिकृत वेरिफिकेशन न हो।
आधार एक्टिविटी नियमित चेक करें और मोबाइल नंबर लिंक्ड रखें।
संदिग्ध OTP या लोन इंक्वायरी पर तुरंत साइबर सेल से संपर्क करें।








