देशभर के लाखों छात्रों का इंतजार खत्म हो गया है। National Testing Agency (NTA) ने Joint Entrance Examination Main (JEE Main) 2026 सत्र-2 के परिणाम घोषित कर दिए हैं। इस बार परीक्षा में 26 छात्रों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया है। यह उपलब्धि न केवल उनकी कड़ी मेहनत को दर्शाती है, बल्कि देश में बढ़ते प्रतिस्पर्धी माहौल की भी झलक देती है।
इस वर्ष चंडीगढ़ के Aarush Singhal ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 1 हासिल कर शीर्ष स्थान प्राप्त किया। उनके अलावा देश के विभिन्न राज्यों से कई छात्रों ने परफेक्ट स्कोर किया है। इनमें आंध्र प्रदेश के Jonnala Roshan Manideep Reddy, दिल्ली के Shreyas Mishra, तेलंगाना के Mantha Shiva Kamesh और महाराष्ट्र के Siddharth Shrikant Athaley प्रमुख नामों में शामिल हैं। इनके अलावा 21 अन्य छात्रों ने भी 100 पर्सेंटाइल हासिल किया है।
इस बार की एक खास बात यह रही कि सभी 26 टॉपर्स छात्र हैं। इस पहलू ने शिक्षा क्षेत्र में नई चर्चा को जन्म दिया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि यह किसी एक वर्ष का ट्रेंड हो सकता है और भविष्य में छात्राओं का प्रदर्शन भी बेहतर देखने को मिल सकता है।
NTA के अनुसार, परीक्षा का आयोजन पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ किया गया। देशभर में आयोजित इस परीक्षा में लाखों उम्मीदवारों ने भाग लिया, जिससे प्रतिस्पर्धा का स्तर काफी ऊंचा रहा। JEE Main को भारत की सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक माना जाता है, जहां सफलता पाने के लिए लगातार मेहनत, सही रणनीति और समय प्रबंधन बेहद जरूरी होता है।
अब इन सफल छात्रों का अगला लक्ष्य Joint Entrance Examination Advanced (JEE Advanced) होगा, जो भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में प्रवेश का मार्ग खोलता है। JEE Advanced की परीक्षा और भी चुनौतीपूर्ण होती है, लेकिन JEE Main में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों के लिए यह एक मजबूत आधार प्रदान करती है।
परिणाम घोषित होने के बाद छात्रों और उनके अभिभावकों में खुशी की लहर है। कई कोचिंग संस्थानों ने भी अपने छात्रों की सफलता का जश्न मनाया है और इसे उनकी मेहनत और सही मार्गदर्शन का नतीजा बताया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि 100 पर्सेंटाइल हासिल करना केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके लिए मानसिक संतुलन, निरंतर अभ्यास और परीक्षा के दबाव को संभालने की क्षमता भी जरूरी होती है। इस बार 26 छात्रों का परफेक्ट स्कोर यह दिखाता है कि देश में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है।








