जम्मू-कश्मीर के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पहलगाम में पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने एक अहम और आधुनिक कदम उठाया है। अब यहां आने वाले पर्यटक QR कोड स्कैन कर आसानी से यह पता लगा सकेंगे कि जिस व्यक्ति से वे सेवा ले रहे हैं, वह अधिकृत और सत्यापित है या नहीं। इस नई व्यवस्था को पर्यटन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ाने और भरोसा कायम करने की दिशा में बड़ा बदलाव माना जा रहा है।
यह पहल पिछले वर्ष हुए आतंकी हमले के बाद सामने आई है, जिसने इस इलाके के पर्यटन पर गहरा असर डाला था। उस घटना में कई पर्यटकों की जान चली गई थी, जिससे देशभर में चिंता का माहौल बन गया था। इसके बाद से प्रशासन लगातार सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और पर्यटकों का भरोसा फिर से जीतने के लिए नए उपायों पर काम कर रहा था।
नई QR कोड आधारित प्रणाली के तहत पहलगाम में काम करने वाले सभी पर्यटन सेवा प्रदाताओं को एक यूनिक कोड दिया गया है। इसमें पोनी राइड ऑपरेटर, छोटे व्यापारी, फेरीवाले और अन्य स्थानीय सेवा देने वाले लोग शामिल हैं। हर व्यक्ति का पहले पुलिस सत्यापन किया गया है और फिर उसे आधिकारिक रूप से पंजीकृत किया गया है।
पर्यटक अपने स्मार्टफोन से QR कोड स्कैन कर उस सेवा प्रदाता की पूरी जानकारी तुरंत प्राप्त कर सकते हैं। इसमें नाम, पता, मोबाइल नंबर, पहचान से जुड़ी जानकारी, रजिस्ट्रेशन नंबर और उसके कार्य क्षेत्र का विवरण शामिल होता है। इससे पर्यटक बिना किसी जोखिम के भरोसेमंद सेवाओं का चयन कर सकते हैं।
अधिकारियों का कहना है कि इस प्रणाली से न केवल पर्यटकों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि अनधिकृत और फर्जी तरीके से काम करने वालों पर भी लगाम लगेगी। यह कदम पर्यटन क्षेत्र में अनुशासन और पारदर्शिता को बढ़ावा देगा। साथ ही, इससे स्थानीय लोगों को भी फायदा होगा जो वैध रूप से इस क्षेत्र में काम कर रहे हैं।
स्थानीय व्यापारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों ने इस पहल का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इससे पर्यटकों का भरोसा बढ़ेगा और इलाके में पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी। पिछले कुछ समय से सुरक्षा को लेकर जो चिंता बनी हुई थी, उसे दूर करने में यह प्रणाली मददगार साबित हो सकती है।
प्रशासन का यह भी कहना है कि भविष्य में इस व्यवस्था को और बेहतर बनाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर इसमें नई तकनीकों को जोड़ा जाएगा, ताकि पर्यटकों को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।








