शांतनु सिन्हा बिस्वास कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (डीसीपी) और पश्चिम बंगाल पुलिस में एक वरिष्ठ अधिकारी हैं, जो लंबे समय से प्रभावी इकाइयों में रहे हैं और अब जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
पुलिस सेवा का पृष्ठभूमि
वे कोलकाता पुलिस के डिप्टी कमिश्नर (उपायुक्त) के पद पर कार्यरत हैं और इससे पहले कालीघाट पुलिस स्टेशन के इंचार्ज (ACP) के रूप में लंबा कार्यकाल निभा चुके हैं।
कालीघाट जैसे व्यस्त और राजनीतिक रूप से संवेदनशील इलाके में चार्ज रहने की वजह से इनका नाम अक्सर मीडिया और राजनीतिक चर्चाओं में आता रहा है।
पहले गंभीर जांचों में शामिल
इनका नाम कोयला तस्करी मामले की जांच में भी आया था, जिसमें ईडी ने इन्हें दिल्ली में पूछताछ के लिए तलब किया था।
तब से यह बात चर्चा में रही कि ये अधिकारी एक महत्वपूर्ण गेट‑कीपर की भूमिका में रहे हैं, जिससे विभिन्न अवैध गतिविधियों में उनकी संभावित भूमिका की जांच हो सकती है।
वर्तमान विवादों में भूमिका
अब ईडी उन पर रंगदारी, सिंडिकेट रैकेट और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ी पीएमएलए केस जांच कर रही है, जिसमें उनके आवास पर छापेमारी और पूछताछ की गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, जांच एजेंसी को शक है कि इनके कालीघाट के लंबे कार्यकाल के दौरान हुए वित्तीय लेन‑देन और सिंडिकेट गतिविधियों में उनकी भूमिका से निकटता थी, जिसे अब औपचारिक जांच में डाला जा रहा है।








