दिल्ली में हुए AI Impact Summit में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के सुरक्षित, नैतिक और समावेशी उपयोग को लेकर गहन विचार-विमर्श हुआ। सम्मेलन में शामिल ब्रिटेन की उपप्रधानमंत्री ने कहा कि एआई से जुड़े लाभ तभी पूरी तरह सामने आएंगे, जब इसके विकास में पारदर्शिता और वैश्विक सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि एआई शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासन जैसे क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है, लेकिन इसके साथ-साथ रोजगार और डेटा सुरक्षा जैसी चुनौतियों पर भी गंभीरता से काम करना होगा।
समिट के दौरान कई देशों के प्रतिनिधियों ने भारत की डिजिटल प्रगति की सराहना की और माना कि भारत एआई के वैश्विक भविष्य को आकार देने में अहम भागीदार बन सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के अंतरराष्ट्रीय मंच एआई को लेकर साझा रणनीति बनाने में मददगार साबित होंगे।








