दिल्ली के सत्य निकेतन में इमारत ढही :
दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में छात्रों के लिए संचालित PG/हॉस्टल की पांच मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई। हादसे के बाद मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका पर NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और अन्य बचाव दलों ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
सोमवार, 7 सितंबर तक दिल्ली पुलिस के अनुसार हादसे में 6 लोगों की मौत हुई है, जबकि 11 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया। रेस्क्यू के दौरान निकाले गए एक व्यक्ति को अस्पताल पहुंचने पर मृत घोषित किया गया।
मालिक के खिलाफ FIR
पुलिस ने कथित मालिक हरिराम बंसल और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामला भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 105, 290 और 125(a) के तहत दर्ज किया गया है, जिनमें गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही और लोगों की जान को खतरे में डालने से संबंधित आरोप शामिल हैं।
जांच जारी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार इमारत में निर्माण या रेनोवेशन का काम चल रहा था। बेसमेंट में पानी भरने और संरचनात्मक कमजोरी को भी संभावित कारण माना जा रहा है, लेकिन हादसे का वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। दिल्ली सरकार ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं।
हेडलाइन:
सत्य निकेतन में पांच मंजिला PG इमारत भरभराकर गिरी, 6 की मौत; मालिक के खिलाफ FIR
सोशल मीडिया कैप्शन:
दिल्ली के सत्य निकेतन में छात्रों के PG की पांच मंजिला इमारत ढहने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 6 लोगों की मौत हुई, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बचाया गया। पुलिस ने कथित मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी।दिल्ली में दर्दनाक हादसा: सत्य निकेतन में 5 मंजिला इमारत भरभराकर गिरी
दक्षिणी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें छात्रों के लिए PG/हॉस्टल संचालित हो रहा था। हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसने की आशंका जताई गई और NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस तथा अन्य बचाव दलों ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया।
ताजा अपडेट: सोमवार 7 सितंबर की दोपहर तक विभिन्न रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 6 से 7 बताई गई है। कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। इमारत करीब 50 साल पुरानी बताई जा रही है।पुलिस ने इमारत के कथित मालिक और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। मामले में लापरवाही और गैर-इरादतन हत्या जैसी धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में बेसमेंट में पानी भरने और निर्माण/रेनोवेशन कार्य को संभावित कारणों में माना जा रहा है, हालांकि हादसे का अंतिम कारण जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।








