पुणे के लोकमान्य तिलक कार्यक्रम में अमित शाह के भाषण के मुख्य टिप्स ये रहे: उन्होंने लोकमान्य तिलक के सांस्कृतिक राष्ट्रवाद, “स्वराज” के विचार, और राष्ट्रनिर्माण में जनभागीदारी पर जोर दिया, साथ ही अजित डोभाल की भूमिका और मोदी सरकार की सुरक्षा नीति की भी तारीफ की।
मुख्य बिंदु
अमित शाह ने कहा कि लोकमान्य तिलक ने सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की नींव रखी और देश आज उसी मार्ग पर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने “स्वराज” को तिलक के अमर संदेश के रूप में याद किया और उसे भारत के स्वतंत्रता संग्राम की प्रेरणा बताया।
भाषण में अजित डोभाल की राष्ट्रीय सुरक्षा में भूमिका और मोदी सरकार की रक्षा क्षमता में बदलाव पर खास जोर रहा।
कार्यक्रम के दौरान पुणे, तिलक की कर्मभूमि, और शिवाजी-पेशवा परंपरा का भी उल्लेख किया गया।
भाषण का मूड
अमित शाह का अंदाज़ जोशीला और राजनीतिक रूप से सशक्त था, जिसमें उन्होंने कार्यकर्ताओं और श्रोताओं से अधिक उत्साह दिखाने की अपील भी की। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने “छत्रपति शिवाजी महाराज की जय” जैसे नारों को और जोर से लगाने के लिए भी कहा। अमित शाह ने कहा कि अजित डोभाल ने भारत की विदेश नीति को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई, और पीएम मोदी के हर बड़े राष्ट्रीय सुरक्षा फैसले के पीछे उनकी सलाह और बैकग्राउंड भूमिका रही।
क्या-क्या बताया
डोभाल को शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के रूप में मोदी सरकार की सुरक्षा सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि 2014 के बाद डोभाल ने जमीनी स्तर पर कई रणनीतिक विचार लागू कराने में मदद की।
शाह के अनुसार, डोभाल ने भारत के सशस्त्र बलों के आधुनिकीकरण, तकनीक मजबूत करने, ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने और रक्षा तैयारियों को बेहतर बनाने में योगदान दिया।
एक रिपोर्ट में शाह ने डोभाल को भारत के आधुनिक राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे के प्रमुख निर्माताओं में से एक भी बताया हैं।








