LPG पर असली “संकट” नहीं है, लेकिन पिछले कुछ महीनों में सप्लाई में गड़बड़ी और अस्थिरता जरूर देखी गई थी, जिसके बाद सरकार ने कई उपाय किए ।
मुख्य कारण: होर्मुज तनाव और मिडिल-ईस्ट कन्फ्लिक्ट
भारत अपनी रसोई गैस (LPG) का करीब 60% आयात करता है, और इस आयात का लगभग 90% स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से आता था ।
अमेरिका, ईरान, इजरायल के बीच तनाव और होर्मुज पर शापिंग‑रूट बंदी/धमकी की वजह से वैश्विक LPG सप्लाई चेन प्रभावित हुई, जिससे भारत में 2026 की शुरुआत में कई शहरों में सिलेंडर की किल्लत और कमर्शियल गैस की सप्लाई रोकने जैसी खबरें आईं ।
विशेषज्ञों ने कहा था कि अगर होर्मुज पूरी तरह बंद हो, तो 90% LPG सप्लाई बाधित हो सकती है, इसलिए ऊर्जा सुरक्षा के लिए भारत का प्लान पहले से तैयार बताया गया ।
सरकार के उपाय
पेट्रोलियम मंत्रालय ने रिफाइनरियों को LPG प्रोडक्शन बढ़ाने और उसका priority घरेलू इस्तेमाल को रखने का आदेश दिया ।
कमर्शियल LPG सप्लाई को सीमित कर दिया गया था; कुछ दिन तक कई शहरों में होटल/रेस्टोरेंट्स को सिलेंडर नहीं मिल रहे थे ।
तब बाद में, 25 जून 2026 को केंद्र सरकार ने सेक्टर-वाइज सभी पाबंदियां हटाकर कॉमर्शियल LPG सप्लाई पर लिमिट खत्म की और 100% सप्लाई की अनुमति दी, साथ ही राज्यों को सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया ।
कुछ समय PNG (पाइपेड नेचुरल गैस) वाले घरों से डुअल LPG कनेक्शन खत्म करने, OTP-based डिस्ट्रीब्यूशन और रिफिल के बीच न्यूनतम अंतर (25 दिन युबर्न, 45 दिन ग्रामीण) जैसी नई रूले भी लागू हुईं, जो Essential Commodities Act के तहत संकट मैनेज करने के लिए थे ।
वर्तमान स्थिति (2026 की मध्य तक)
अब कॉमर्शियल LPG से लिमिट हटी है, और घरेलू-कॉमर्शियल दोनों को 100% सप्लाई मिल रही है, जैसा कि15 जुलाई 2026 को बताया ।
भले ही होर्मुज और मिडिल-ईस्ट में तनाव बना है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि रूस से बड़े आयात और घरों-रिफाइनरी से भी उत्पादन बढ़ाए जाने से फिलहाल “घरेलू सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित” है, हालांकि दामों पर वैश्विक तनाव का असर रह सकता है ।
इसलिए “LPG पर संकट मंडरा रहा है” कहना अब तक पूरी तरह सही नहीं है; सही बात है: संकट के बादल पहले मंडरा चुके थे, लेकिन अब सरकार ने कई राहत फेस निकाल दिए हैं और सप्लाई सामान्य मार्ग पर लौट रही है ।








