तमिलनाडु में नई सरकार के गठन के बाद प्रशासनिक सुधारों का दौर तेज होता दिखाई दे रहा है। राज्य सरकार ने शराब बिक्री और वितरण से जुड़ी व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बढ़ाने तथा राजस्व संग्रह को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से व्यापक समीक्षा प्रक्रिया शुरू की है। सरकार का कहना है कि राज्य के प्रत्येक विभाग में वित्तीय जवाबदेही सुनिश्चित करना उसकी प्राथमिकता है और इसी दिशा में TASMAC (तमिलनाडु स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन) की कार्यप्रणाली को नए सिरे से व्यवस्थित किया जा रहा है।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, हाल ही में हुई उच्चस्तरीय बैठकों में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि शराब बिक्री से प्राप्त होने वाला पूरा राजस्व राज्य के विकास कार्यों और जनकल्याण योजनाओं में उपयोग किया जाए। इसके लिए विभिन्न स्तरों पर निगरानी तंत्र को मजबूत करने, रिकॉर्ड प्रबंधन को डिजिटल बनाने और नकद लेन-देन से जुड़ी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने की योजना तैयार की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि तमिलनाडु जैसे बड़े राज्य में शराब बिक्री से सरकार को महत्वपूर्ण राजस्व प्राप्त होता है। ऐसे में यदि वितरण और बिक्री व्यवस्था में किसी प्रकार की खामियां मौजूद हों तो उनका सीधा असर सरकारी आय पर पड़ सकता है। इसी कारण सरकार ने TASMAC के गोदामों, परिवहन व्यवस्था, खुदरा दुकानों और वित्तीय लेन-देन की समीक्षा शुरू की है।
सरकार की प्राथमिकता केवल राजस्व बढ़ाना नहीं बल्कि व्यवस्था में विश्वास और पारदर्शिता स्थापित करना भी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी प्रक्रियाओं का नियमित ऑडिट किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही आधुनिक तकनीक के उपयोग पर भी जोर दिया जा रहा है ताकि बिक्री और स्टॉक से संबंधित आंकड़े रियल टाइम में उपलब्ध हो सकें।
इस अभियान का एक महत्वपूर्ण पहलू खाली शराब की बोतलों की वापसी व्यवस्था भी है। वर्तमान प्रणाली में ग्राहकों से बोतल वापसी के लिए अतिरिक्त राशि ली जाती है, जिसे बोतल लौटाने पर वापस किया जाता है। सरकार इस प्रक्रिया को और अधिक व्यवस्थित बनाने के विकल्पों पर विचार कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी निगरानी से इस व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाया जा सकता है।
इसके अलावा सरकार ने हाल के दिनों में कई शराब दुकानों को बंद करने का निर्णय भी लिया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम केवल आर्थिक दृष्टिकोण से नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर उठाया गया है। सरकार नशामुक्ति और जनस्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों को भी अपनी नीतियों में महत्व दे रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि TASMAC में शुरू किए गए सुधार केवल एक विभाग तक सीमित नहीं रह सकते। यदि यह मॉडल सफल साबित होता है तो अन्य विभागों में भी इसी प्रकार की पारदर्शिता और जवाबदेही आधारित व्यवस्था लागू की जा सकती है। विशेष रूप से उन क्षेत्रों में जहां सरकारी राजस्व का बड़ा हिस्सा आता है, वहां निगरानी और नियंत्रण को और मजबूत किया जा सकता है।








