हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में असम में नई सरकार, विकास और स्थिरता पर रहेगा फोकस

असम में भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने लगातार तीसरी बार सरकार बनाकर राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ कायम रखी है। Himanta Biswa Sarma ने दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर नए कार्यकाल की शुरुआत की। गुवाहाटी में आयोजित भव्य समारोह में भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने इस राजनीतिक आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना दिया।

शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh और वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman समेत कई बड़े नेता शामिल हुए। इसके अलावा एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी कार्यक्रम में मौजूद रहे। भाजपा ने इसे पूर्वोत्तर भारत में अपनी बढ़ती राजनीतिक ताकत का संकेत बताया।

नई सरकार में भाजपा के साथ-साथ उसके सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। असम गण परिषद (एजीपी) और बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (बीपीएफ) के नेताओं को मंत्रिमंडल में शामिल कर गठबंधन को संतुलित बनाए रखने की कोशिश की गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि भाजपा क्षेत्रीय दलों को साथ लेकर सामाजिक और राजनीतिक संतुलन बनाए रखना चाहती है।

हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए ने 126 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें जीतकर स्पष्ट बहुमत हासिल किया। भाजपा ने अकेले 82 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि एजीपी और बीपीएफ को 10-10 सीटें मिलीं। चुनाव परिणामों को भाजपा सरकार की नीतियों और संगठनात्मक मजबूती की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शपथ के बाद कहा कि नई सरकार राज्य में विकास की गति को और तेज करेगी। उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में बड़े स्तर पर काम किया जाएगा। इसके साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने और निवेश आकर्षित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

सरमा ने यह भी कहा कि असम को पूर्वोत्तर भारत का आर्थिक और व्यापारिक केंद्र बनाने की दिशा में सरकार तेजी से कदम उठाएगी। उन्होंने बाढ़ नियंत्रण, कृषि विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया। राज्य में हर साल आने वाली बाढ़ की समस्या को लेकर उन्होंने दीर्घकालिक समाधान का भरोसा दिया।

भाजपा नेताओं का कहना है कि पिछले कार्यकाल में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और डिजिटल सेवाओं में हुए सुधार का फायदा पार्टी को चुनाव में मिला। वहीं विपक्षी दलों ने नई सरकार से महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से काम करने की मांग की है।

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, हिमंत बिस्वा सरमा केवल असम ही नहीं बल्कि पूरे पूर्वोत्तर में भाजपा के प्रमुख रणनीतिक चेहरों में से एक बन चुके हैं। पिछले कुछ वर्षों में उन्होंने कई राज्यों में भाजपा के संगठन को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई है। इसी वजह से पार्टी नेतृत्व ने उन पर लगातार भरोसा जताया है।

Star CG News 24
Author: Star CG News 24

Rajendra Dhote

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