तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला जब अभिनेता और टीवीके प्रमुख Vijay ने राज्य के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। चेन्नई के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में विजय ने पद और गोपनीयता की शपथ लेकर राज्य में नई राजनीतिक शुरुआत का संकेत दिया। इस मौके पर हजारों समर्थकों की भीड़ मौजूद रही, जबकि फिल्म जगत, राजनीति और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भी समारोह में भाग लिया।
तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) की जीत को तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा परिवर्तन माना जा रहा है। लगभग 60 वर्षों से राज्य की सत्ता Dravida Munnetra Kazhagam और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam के बीच बदलती रही थी, लेकिन इस बार जनता ने एक नए विकल्प पर भरोसा जताया। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, युवाओं और पहली बार वोट देने वाले मतदाताओं ने विजय की पार्टी को बड़ी संख्या में समर्थन दिया।
शपथ ग्रहण समारोह के दौरान विजय के माता-पिता एस ए चंद्रशेखर और शोभा भावुक नजर आए। समारोह में कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi और अभिनेत्री Trisha Krishnan की मौजूदगी ने भी लोगों का ध्यान आकर्षित किया। स्टेडियम के बाहर हजारों समर्थक विजय के पोस्टर और पार्टी के झंडे लेकर जश्न मनाते दिखाई दिए।
विजय के साथ टीवीके के नौ नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें अनुभवी और युवा चेहरों का संतुलन देखने को मिला। पूर्व एआईएडीएमके नेता के ए सेंगोट्टैयन, जिन्हें पार्टी से निकाले जाने के बाद टीवीके में शामिल किया गया था, अब नई सरकार में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा विजय के करीबी रणनीतिकार आधारव अर्जुना, पूर्व भाजपा नेता सीटीआर निर्मल कुमार, टीवीके महासचिव ‘बुस्सी’ आनंद और पूर्व आईआरएस अधिकारी अरुणराज को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है।
नई कैबिनेट में 28 वर्षीय एस कीर्तन सबसे युवा मंत्री बनी हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय ने युवाओं और महिलाओं को नेतृत्व में आगे लाने का स्पष्ट संदेश दिया है। इसके साथ ही फिल्म और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े चेहरों को भी सरकार में शामिल कर उन्होंने पारंपरिक राजनीति से अलग राह अपनाने की कोशिश की है।
मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार जनता की अपेक्षाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उन्होंने भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन, रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने का वादा किया। विजय ने कहा कि उनकी सरकार पारदर्शिता और जवाबदेही के सिद्धांतों पर काम करेगी।
राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि विजय के सामने सबसे बड़ी चुनौती प्रशासनिक अनुभव की कमी और जनता की बढ़ी हुई उम्मीदों को पूरा करना होगा। हालांकि, समर्थकों का मानना है कि उनकी लोकप्रियता और नई सोच राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकती है।








