नासिक TCS विवाद पर बढ़ी सियासत, मंत्री संजय शिरसाट ने बड़े नेटवर्क की जांच की मांग उठाई

महाराष्ट्र के नासिक में सामने आए कथित उत्पीड़न और धर्म परिवर्तन से जुड़े मामले को लेकर राजनीतिक माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। आईटी कंपनी के कार्यालय से जुड़े इस मामले में पुलिस जांच तेज हो गई है, वहीं राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी शुरू हो गया है। शिवसेना नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री Sanjay Shirsat ने इस पूरे मामले को गंभीर साजिश बताते हुए विस्तृत जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

पुलिस द्वारा मुख्य आरोपियों में शामिल निदा खान की गिरफ्तारी के बाद मामला और चर्चा में आ गया। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ के जरिए पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल पुलिस इस मामले में डिजिटल रिकॉर्ड, मोबाइल फोन और बैंकिंग गतिविधियों की भी जांच कर रही है।

संजय शिरसाट ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह केवल एक स्थानीय घटना नहीं हो सकती, बल्कि इसके पीछे संगठित स्तर पर काम करने वाला नेटवर्क सक्रिय हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ समूह युवाओं को प्रभावित करने और सामाजिक तनाव बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। मंत्री ने मांग की कि मामले की जांच व्यापक स्तर पर की जाए ताकि यदि किसी बड़े नेटवर्क की भूमिका हो तो उसे सामने लाया जा सके।

उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के अन्य शहरों में भी इसी तरह की गतिविधियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी कारण सरकार और जांच एजेंसियों को सतर्क रहने की जरूरत है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने फिलहाल किसी बड़े निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच पूरी होने का इंतजार करने की बात कही है।

इस मामले को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी लगातार सामने आ रही हैं। कुछ विपक्षी नेताओं ने कहा है कि जांच निष्पक्ष और तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। उनका कहना है कि संवेदनशील मामलों में राजनीतिक बयानबाजी से सामाजिक तनाव बढ़ सकता है। वहीं सत्ताधारी दल के नेता सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला बता रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक, जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपियों के बीच संपर्क कैसे स्थापित हुआ और क्या उनके तार राज्य के बाहर तक फैले हुए हैं। पुलिस को कुछ डिजिटल साक्ष्य मिले हैं जिनकी फॉरेंसिक जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी जांच से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

इस बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों और अफवाहों से बचें। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले समय में महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मुद्दा बन सकता है। विशेष रूप से ऐसे समय में जब राज्य में पहले से कई संवेदनशील मुद्दों पर राजनीतिक माहौल गर्म है।

Star CG News 24
Author: Star CG News 24

Rajendra Dhote

Leave a Comment

मुंबई : महाराष्ट्र में लंबे समय से बारिश न होने के कारण 18–19 जिलों में “सूखे जैसी स्थिति” घोषित की गई है और राज्य सरकार ने किसानों, पशुओं और पेयजल आपूर्ति के लिए तत्काल राहत व तैयारी के कई निर्णय लिए हैं।

मुंबई : सालियान केस में बड़ा कानूनी मोड़, आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और पूर्व महाराष्ट्र गृह मंत्री अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ के मानहानि दावे वाला कानूनी नोटिस भेजा है।

मुंबई : नया मोड़ (सीबीआई जांच): बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद, सीबीआई (CBI) ने इस मामले में सितंबर 2026 में नए सिरे से एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।                                 बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को दिशा सालियान मामले में नए सिरे से व्यापक जांच के निर्देश दिए। अदालत के प्रमुख निर्देश ये थे:

मुंबई : 13 सितंबर 2026: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे पाटील द्वारा 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान में प्रस्तावित आंदोलन और अनिश्चित कालीन उपवास को मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। 

शहर चुनें