सतना शहर में एक आवारा कुत्ते के हमले ने बुधवार को हड़कंप मचा दिया। अलग-अलग इलाकों में हुए इस अचानक हमले में करीब 40 लोग घायल हो गए, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और कुछ बच्चे भी शामिल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद पूरे इलाके में डर और अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार, यह घटनाक्रम गहरा नाला से शुरू हुआ और धीरे-धीरे हॉस्पिटल चौक तक फैल गया। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि कुत्ता अचानक बेहद आक्रामक हो गया और राह चलते लोगों को निशाना बनाने लगा। कई लोग बिना किसी उकसावे के ही कुत्ते के हमले का शिकार हो गए।
घटना के तुरंत बाद सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने तेजी से उपचार शुरू किया। अस्पताल प्रशासन के मुताबिक, सभी मरीजों को एंटी-रेबीज इंजेक्शन दिए जा रहे हैं और घावों की सफाई कर जरूरी इलाज किया जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर इलाज मिलने से किसी की हालत गंभीर नहीं है, लेकिन सभी को कुछ दिनों तक निगरानी में रखा जाएगा।
स्थानीय निवासी सीमा वर्मा ने बताया, “मैं बाजार से लौट रही थी, तभी अचानक कुत्ता पीछे से आया और पैर में काट लिया। आसपास के लोग चिल्लाने लगे और किसी तरह उसे भगाया गया।” वहीं एक अन्य युवक ने बताया कि उसने अपने सामने कई लोगों को कुत्ते के हमले का शिकार होते देखा, जिससे वह खुद भी घबरा गया।
घटना के बाद प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए नगर निगम की टीम को सक्रिय कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर कुत्ते की पहचान कर उसे पकड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही, पूरे इलाके में अतिरिक्त टीमों को तैनात कर आवारा कुत्तों की निगरानी बढ़ा दी गई है।
मध्य प्रदेश में इस तरह की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं, जिससे शहरी क्षेत्रों में आवारा पशुओं की बढ़ती समस्या उजागर हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कुत्तों के नियंत्रण के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए, जिसके कारण आज यह स्थिति बनी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आवारा कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान केवल पकड़ने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसके लिए नसबंदी कार्यक्रम, नियमित टीकाकरण और पशु आश्रयों की बेहतर व्यवस्था जरूरी है। साथ ही, कचरा प्रबंधन में सुधार कर कुत्तों के भोजन के स्रोत को भी नियंत्रित किया जाना चाहिए।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें, बच्चों को अकेले बाहर न भेजें और किसी भी कुत्ते के काटने की स्थिति में तुरंत चिकित्सा सहायता लें। साथ ही, संदिग्ध या आक्रामक पशुओं की जानकारी तुरंत नगर निगम या संबंधित अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है।








