अहमदाबाद, देश की आंतरिक सुरक्षा को लेकर सतर्कता बरतते हुए गुजरात एंटी-टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने एक संभावित साजिश का खुलासा किया है। एजेंसी ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को भड़काने और एक गुप्त नेटवर्क तैयार करने की कोशिश कर रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई लंबे समय से चल रही निगरानी और खुफिया सूचनाओं के आधार पर की गई है।
ATS के मुताबिक, एजेंसी पिछले कुछ महीनों से ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर बनाए हुए थी। इसी दौरान कुछ ऐसे अकाउंट्स और समूहों की पहचान हुई, जहां भड़काऊ संदेश और असामान्य संपर्क देखे गए। इन गतिविधियों के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया गया और अंततः दो लोगों को हिरासत में लिया गया।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी युवाओं को प्रभावित करने और उन्हें एक विशेष विचारधारा की ओर आकर्षित करने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए वे सोशल मीडिया का सहारा ले रहे थे, जहां वे लगातार संदेश साझा कर रहे थे और नए लोगों को जोड़ने का प्रयास कर रहे थे। जांच एजेंसियों का मानना है कि इस तरह की गतिविधियां समाज में अस्थिरता पैदा कर सकती हैं।
सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से एक उत्तर गुजरात के एक कस्बे का निवासी है और उसकी उम्र लगभग 22 वर्ष बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि वह इंटरनेट के जरिए कुछ कट्टर सामग्री से प्रभावित हुआ था और धीरे-धीरे इस दिशा में सक्रिय हो गया। उसके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली है, जिनकी जांच जारी है।
ATS अधिकारियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से एक बड़ी साजिश को टाल दिया गया है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। एजेंसी अन्य संदिग्धों की तलाश में भी जुटी हुई है और कई जगहों पर जांच जारी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि आज के डिजिटल युग में सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल एक गंभीर चुनौती बनकर उभरा है। ऐसे में युवाओं को जागरूक करना और उन्हें सही दिशा में मार्गदर्शन देना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही, अभिभावकों और समाज की भी जिम्मेदारी है कि वे युवाओं की ऑनलाइन गतिविधियों पर ध्यान दें।
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर किसी भी तरह की संदिग्ध या भड़काऊ सामग्री को नजरअंदाज न करें और तुरंत संबंधित एजेंसियों को इसकी जानकारी दें। साथ ही, किसी भी अफवाह या भ्रामक जानकारी को फैलाने से बचें।








