हैदराबाद/कर्नाटक: एक घरेलू उड़ान के दौरान आई तकनीकी गड़बड़ी ने यात्रियों के बीच भय और तनाव का माहौल पैदा कर दिया। Fly91 की फ्लाइट IC3401, जो हैदराबाद से हुब्बल्ली के लिए रवाना हुई थी, अपने गंतव्य के करीब पहुंचते ही तकनीकी समस्या का शिकार हो गई। इसके चलते विमान को तत्काल लैंडिंग की अनुमति नहीं दी गई और उसे करीब चार घंटे तक हवा में ही चक्कर लगाना पड़ा।
सूत्रों के अनुसार, विमान ने राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा से दोपहर करीब 3 बजे उड़ान भरी थी और निर्धारित समय के अनुसार इसे शाम 4:30 बजे हुब्बल्ली पहुंचना था। लेकिन जैसे ही विमान लैंडिंग के लिए नीचे आने लगा, पायलटों को तकनीकी खामी का संकेत मिला। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए लैंडिंग को रोक दिया गया और विमान को सुरक्षित ऊंचाई पर बनाए रखा गया।
इस दौरान विमान कर्नाटक के विभिन्न हिस्सों—मुंडगोड, दावणगेरे और शिवमोग्गा—के ऊपर कई बार चक्कर लगाता रहा। विमान में सवार यात्रियों के लिए यह समय बेहद चिंताजनक रहा। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ यात्री रोते हुए और प्रार्थना करते नजर आए, जबकि कई लोग एक-दूसरे को ढांढस बंधाते दिखाई दिए।
विमान के अंदर का माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया था। कई यात्रियों ने अपने परिजनों से संपर्क कर स्थिति की जानकारी दी। वहीं, केबिन क्रू लगातार यात्रियों को शांत रहने की अपील करता रहा और उन्हें भरोसा दिलाता रहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
पायलटों ने संयम और अनुभव का परिचय देते हुए तकनीकी टीम के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा। सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन करते हुए विमान को सुरक्षित उतारने की प्रक्रिया जारी रखी गई। लगभग चार घंटे की कोशिशों के बाद विमान को सुरक्षित रूप से उतार लिया गया, जिससे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
एयरलाइन की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि तकनीकी खराबी की विस्तृत जांच की जा रही है और सुरक्षा मानकों के तहत ही सभी निर्णय लिए गए। इस घटना में किसी भी यात्री को कोई शारीरिक नुकसान नहीं हुआ, जो कि बड़ी राहत की बात है।
यह घटना एक बार फिर विमानन सुरक्षा और नियमित तकनीकी जांच की अहमियत को दर्शाती है। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसी परिस्थितियों में पायलट और क्रू की तत्परता ही यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।








