मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump के हालिया बयान ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया कि उन्हें ईरान की ओर से “तोहफा” मिला है और साथ ही उन्होंने संकेत दिए कि अमेरिका ईरान के सबसे बड़े तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप पर कब्जा कर सकता है।
क्या है पूरा मामला?
रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि ईरान की तरफ से बातचीत के दौरान “तेल से जुड़े प्रस्ताव” सामने आए हैं, जिन्हें उन्होंने एक तरह का “गिफ्ट” बताया। साथ ही उन्होंने यह भी इशारा किया कि यदि हालात नहीं सुधरे, तो अमेरिका ईरान के रणनीतिक रूप से बेहद अहम खार्ग द्वीप को अपने नियंत्रण में लेने पर विचार कर सकता है।
खार्ग द्वीप ईरान के तेल निर्यात का मुख्य केंद्र है, जहां से देश का अधिकांश कच्चा तेल दुनिया भर में भेजा जाता है। ऐसे में इस द्वीप पर किसी भी तरह की कार्रवाई का असर सीधे वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है।
ग़ालिबाफ की चेतावनी
ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका ने जमीन पर कार्रवाई की कोशिश की, तो इसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।
ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि अमेरिका एक तरफ बातचीत की बात कर रहा है और दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
बढ़ता सैन्य तनाव
मध्य पूर्व में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। अमेरिका ने क्षेत्र में अपने सैनिकों की संख्या बढ़ाई है, वहीं ईरान और उसके सहयोगी भी सक्रिय हो गए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर खार्ग द्वीप को लेकर कोई सैन्य कदम उठाया गया, तो यह पूरे क्षेत्र में बड़े संघर्ष का कारण बन सकता है।
वैश्विक असर की आशंका
खार्ग द्वीप पर नियंत्रण की बात सिर्फ अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। यह दुनिया की तेल सप्लाई का अहम हिस्सा है। अगर यहां कोई सैन्य कार्रवाई होती है, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है।
बातचीत या टकराव?
दिलचस्प बात यह है कि जहां एक ओर तनाव बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की कोशिशें भी जारी हैं। कुछ देशों की मध्यस्थता से शांति वार्ता की संभावना भी बनी हुई है।








