भारत में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। कनाडा के प्रधानमंत्री Justin Trudeau ने हाल ही में भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi की नीतियों और उनकी कार्यशैली की प्रशंसा करते हुए कहा कि भारत ने आर्थिक समावेशन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है।
ट्रूडो ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने ऐसी योजनाएं शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य समाज के हर वर्ग को आर्थिक प्रणाली से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों के कारण लाखों लोगों को पहली बार बैंकिंग सेवाओं का लाभ मिला है।
भारत में पिछले कुछ वर्षों के दौरान बैंक खातों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हुआ है और डिजिटल भुगतान प्रणाली को बढ़ावा मिला है। इससे लोगों के लिए आर्थिक लेनदेन पहले की तुलना में अधिक आसान और सुरक्षित हो गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि वित्तीय समावेशन से देश की अर्थव्यवस्था को भी फायदा होता है। जब ज्यादा लोग औपचारिक आर्थिक प्रणाली से जुड़ते हैं, तो बचत, निवेश और आर्थिक गतिविधियों में वृद्धि होती है।
कनाडा के प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत का अनुभव उन देशों के लिए उपयोगी हो सकता है जो वित्तीय समावेशन की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक के उपयोग से आर्थिक सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाना आज के समय की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
भारत और कनाडा के बीच आर्थिक संबंध भी लगातार मजबूत हो रहे हैं। व्यापार, शिक्षा, तकनीक और निवेश जैसे क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच सहयोग की संभावनाएं बढ़ रही हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के बयान भारत की वैश्विक छवि को मजबूत करने में मदद करते हैं और यह दिखाते हैं कि भारत की आर्थिक नीतियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गंभीरता से देखा जा रहा है।








