उत्तर प्रदेश में सियासी बयानबाज़ी एक बार फिर तेज हो गई है। योगी आदित्यनाथ के हालिया बयान के बाद समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार किया, लेकिन इसे लेकर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने अखिलेश पर कड़ा हमला बोला है।
बीजेपी नेताओं का कहना है कि अखिलेश यादव का बयान जनता को गुमराह करने की कोशिश है। उनका आरोप है कि जिन लोगों ने अपने कार्यकाल में मुकदमे हटवाने और अपराधियों को संरक्षण देने की राजनीति की, वही आज कानून-व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। पार्टी ने इसे “राजनीतिक मजबूरी से उपजा बयान” करार दिया।
भाजपा प्रवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि सीएम योगी का रुख हमेशा से साफ रहा है—कानून सबके लिए बराबर है और किसी भी व्यक्ति को विशेष छूट नहीं दी जाएगी। पार्टी का दावा है कि मौजूदा सरकार में अपराध पर सख्ती और न्यायिक प्रक्रिया की पारदर्शिता पहले से कहीं मजबूत हुई है।
अखिलेश यादव की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी ने कहा कि विपक्ष के पास अब न कोई ठोस मुद्दा बचा है और न ही जनसमर्थन, इसलिए बयानबाज़ी के जरिए सुर्खियों में बने रहने की कोशिश की जा रही है। नेताओं ने यह भी जोड़ा कि जनता अब सपा सरकार और मौजूदा सरकार के कामकाज में फर्क साफ देख रही है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि जैसे-जैसे चुनाव नज़दीक आएंगे, ऐसे बयान और तेज होंगे। फिलहाल, सीएम योगी के सख्त रुख और बीजेपी के आक्रामक जवाब ने प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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