संसद में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि यह रिपोर्ट भारत के समावेशी विकास मॉडल को मजबूती देती है। प्रधानमंत्री के अनुसार, सर्वे में किसानों की बेहतरी, MSME सेक्टर को सशक्त बनाने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर खास ध्यान दिया गया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति तभी टिकाऊ हो सकती है जब विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचे। आर्थिक सर्वे इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए यह दर्शाता है कि सरकार की नीतियां सिर्फ विकास दर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रोजगार, उद्यमिता और सामाजिक संतुलन को भी प्राथमिकता देती हैं।
किसानों की आय और कृषि सुधार पर जोर
आर्थिक सर्वे में कृषि क्षेत्र को अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा गया है कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए तकनीक आधारित खेती, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और बाजार तक बेहतर पहुंच पर काम किया जा रहा है। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।
MSME सेक्टर बना रोजगार का मजबूत आधार
सर्वे में यह भी बताया गया है कि सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (MSME) देश में रोजगार सृजन का बड़ा स्रोत हैं। इस सेक्टर को आसान ऋण, डिजिटल प्लेटफॉर्म और नीति समर्थन के जरिए मजबूत किया जा रहा है, ताकि छोटे उद्योग आत्मनिर्भर बन सकें और नए रोजगार पैदा हों।
युवाओं के लिए स्किल और नौकरी पर फोकस
आर्थिक सर्वे में युवा रोजगार को लेकर सकारात्मक संकेत दिए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कौशल विकास, स्टार्ट-अप संस्कृति और नई तकनीकों के जरिए युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा रहा है। इससे नौकरी के नए अवसर बनने के साथ-साथ स्वरोजगार को भी बढ़ावा मिलेगा।
समावेशी विकास का व्यापक दृष्टिकोण
सर्वे यह भी दर्शाता है कि सरकार महिला श्रम भागीदारी, वित्तीय समावेशन और सामाजिक कल्याण योजनाओं के जरिए विकास को संतुलित बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसका उद्देश्य आर्थिक प्रगति को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।
आगे की राह
आर्थिक सर्वे 2025-26 के अनुसार, वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में आगे बढ़ने की क्षमता रखती है।
निष्कर्ष:
आर्थिक सर्वे 2025-26 यह स्पष्ट करता है कि भारत की विकास रणनीति का केंद्र किसान, MSME और युवा हैं। प्रधानमंत्री मोदी के अनुसार, यही समावेशी सोच देश को दीर्घकालिक आर्थिक मजबूती प्रदान करेगी।








