कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा है कि बेरोजगारी को देशव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा। उन्होंने यह घोषणा छत्रपति संभाजीनगर में पार्टी की कोर टीम की बैठक के बाद की।
दीपके के अनुसार, पार्टी सितंबर से ‘क्या बोलती पब्लिक’ नामक राष्ट्रव्यापी अभियान शुरू करेगी। इसके तहत विभिन्न राज्यों में जाकर युवाओं और आम नागरिकों से बेरोजगारी, महंगी शिक्षा, सरकारी स्कूलों में सुधार और संस्थाओं के प्रति घटते भरोसे जैसे मुद्दों पर संवाद किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर के प्रदर्शन में छात्रों के साथ बड़ी संख्या में बेरोजगार युवा भी शामिल हुए थे और अब युवाओं को रोजगार के सवाल पर संगठित किया जाएगा।
अभियान की मुख्य बातें
‘क्या बोलती पब्लिक’ CJP का देशव्यापी जनसंपर्क और “लिसनिंग टूर” अभियान है। इसका उद्देश्य गांवों, शहरों और विभिन्न राज्यों में युवाओं, छात्रों, अभिभावकों तथा आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को समझना और उन्हें राष्ट्रीय एजेंडे में उठाना है।
अभियान के चार प्रमुख आधार हैं:
शिक्षा सुधार: प्राथमिक शिक्षा से उच्च शिक्षा तक व्यवस्था में व्यापक सुधार।
शिक्षा और रोजगार का संबंध: व्यावसायिक प्रशिक्षण, कौशल विकास और बाजार की जरूरतों के अनुरूप रोजगार पर जोर।
संस्थागत जवाबदेही: मीडिया, निर्वाचन आयोग और न्यायपालिका जैसी लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही और पारदर्शिता के मुद्दे।
सहयोग और गठबंधन: छात्र संगठनों, नागरिक समाज समूहों और युवा-केंद्रित सुधारों का समर्थन करने वाले राजनीतिक समूहों के साथ सहयोग।
अन्य प्रमुख मुद्दे
अभियान में बेरोजगारी को राष्ट्रीय बहस का विषय बनाने, स्कूल-कॉलेज और कोचिंग की बढ़ती फीस पर सवाल उठाने तथा सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग भी शामिल है। युवाओं की समस्याएं सुनकर ‘यूथ रिफॉर्म चार्टर’ तैयार करने की बात कही गई है।
CJP ने इसे चुनावी अभियान के बजाय एक जन-दबाव समूह के रूप में चलाने की बात कही है, जिसका लक्ष्य जनता की आवाज को नीति और लोकतांत्रिक सुधारों से जोड़ना है।
बेरोजगारी एक बड़ी समस्या है, हम इसे राष्ट्रव्यापी मुद्दा बनाएंगे। हम शिक्षा सुधारों पर काम करेंगे। स्कूली शिक्षा के समय से ही शिक्षा हमेशा से ही महंगी रही है। शिक्षा का इस्तेमाल मुनाफा कमाने के लिए किया जाता रहा है। लेकिन हम इसे बदलना चाहते हैं,” दिपके ने कहा। उन्होंने बताया कि देश की 60 प्रतिशत आबादी 35 वर्ष से कम आयु की है, और कहा कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वालों में अधिकतर इसी आयु वर्ग के लोग शामिल थे। सीजेपी के संस्थापक ने यह भी कहा कि मीडिया की विश्वसनीयता को बहाल करने की आवश्यकता है ।








