सुप्रीम कोर्ट ने उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल नाथ (अब्दुल्ला) के बीच आपसी सहमति से तलाक को मंजूरी दे दी है, जिससे उनका लगभग 30–31 साल पुराना वैवाहिक संबंध कानूनी रूप से खत्म हो गया है।
क्या हुआ है?
उमर अब्दुल्ला और पायल नाथ करीब 15–17 साल से अलग रह रहे थे और दिल्ली हाईकोर्ट ने पहले क्रूरता के आधार पर तलाक की उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
इसके बाद मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा, जहां दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से विवाह समाप्त करने के लिए संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत संयुक्त आवेदन दायर किया।ब
सुप्रीम कोर्ट का फैसला
सुप्रीम कोर्ट ने दोनों के बीच मध्यस्थता (मेडिएशन) के बाद हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए अनुच्छेद 142 के तहत तलाक की डिक्री जारी कर दी।
अदालत ने यह भी दर्ज किया कि दोनों ने एक-दूसरे के खिलाफ चल रहे सभी लंबित मुकदमे और शिकायतें वापस लेने पर सहमति जताई है, और इन्हीं शर्तों के अनुसार पूरा विवाद निपटाया जाएगा।
कानूनी संदर्भ
अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को “पूर्ण न्याय” के लिए विशेष शक्ति है, जिसके आधार पर वह ऐसे मामलों में भी विवाह समाप्त कर सकता है जहां सामान्य वैवाहिक कानून में सीधी प्रक्रिया उपलब्ध न हो या निचली अदालतों ने राहत न दी हो।
इस मामले में भी शीर्ष अदालत ने माना कि दंपती का विवाह व्यावहारिक रूप से लंबे समय से समाप्त हो चुका था, इसलिए आपसी सहमति के आधार पर कानूनी मंजूरी मिली हैं।








