नोएडा में घरेलू हिंसा का एक मामला सामने आया है, जिसने वैवाहिक रिश्तों में बढ़ती असहिष्णुता और पारिवारिक विवादों को लेकर एक बार फिर चर्चा छेड़ दी है। एक नवविवाहिता ने अपने पति पर लगातार शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना, मारपीट तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों पक्षों से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, महिला की शादी इसी वर्ष अप्रैल के अंतिम सप्ताह में हुई थी। शादी के बाद दोनों ने साथ में नया जीवन शुरू किया, लेकिन महिला का आरोप है कि विवाह के शुरुआती दिनों से ही उसका वैवाहिक जीवन तनाव और हिंसा से भर गया। उसने दावा किया कि पति अक्सर छोटी-छोटी बातों पर नाराज होकर गाली-गलौज करता था और कई बार उसके साथ मारपीट भी करता था।
महिला का कहना है कि उसने शुरुआत में परिवार की इज्जत और रिश्ते को बचाने के लिए किसी से शिकायत नहीं की। उसे उम्मीद थी कि समय के साथ पति का व्यवहार बदल जाएगा, लेकिन स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। इसी बीच दोनों हनीमून के लिए पहाड़ी क्षेत्र की यात्रा पर गए। पीड़िता के अनुसार, वहां भी विवाद जारी रहा और एक होटल में उसके साथ हिंसक व्यवहार किया गया। उसने आरोप लगाया कि इस घटना में उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी जान को भी खतरा महसूस हुआ।
नोएडा लौटने के बाद महिला ने अपने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। परिवार ने पहले बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश की, लेकिन जब कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला तो महिला ने कानूनी रास्ता अपनाने का निर्णय लिया। शिकायत में उसने कहा कि जब उसने पुलिस में जाने की बात कही तो पति ने उसे डराने और धमकाने का प्रयास किया। आरोप है कि उसका मोबाइल फोन तोड़ दिया गया और उसे शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया।
कुछ दिनों बाद आरोपी पति कथित रूप से घर छोड़कर अपने माता-पिता के पास चला गया। इसके बाद महिला ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर पूरी घटना का विवरण देते हुए लिखित शिकायत दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया और जांच प्रक्रिया शुरू कर दी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच के दौरान मेडिकल रिपोर्ट, दोनों पक्षों के बयान, घटनास्थल से जुड़े उपलब्ध साक्ष्य और अन्य तथ्यों की जांच की जाएगी। यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, यदि किसी अन्य तथ्य का पता चलता है तो उसे भी जांच में शामिल किया जाएगा।
सामाजिक विशेषज्ञों का मानना है कि वैवाहिक जीवन में मतभेद होना सामान्य बात है, लेकिन किसी भी परिस्थिति में हिंसा स्वीकार्य नहीं हो सकती। पति-पत्नी के बीच सम्मान, संवाद और विश्वास किसी भी रिश्ते की सबसे मजबूत नींव होते हैं। यदि किसी व्यक्ति को शारीरिक या मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ रहा है, तो उसे समय रहते परिवार, कानूनी संस्थाओं या सहायता केंद्रों से मदद लेनी चाहिए।
फिलहाल इस मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष पड़ताल के बाद ही अंतिम निष्कर्ष निकाला जाएगा। जांच पूरी होने तक किसी भी पक्ष को दोषी या निर्दोष मानना उचित नहीं होगा। मामले पर स्थानीय लोगों की भी नजर बनी हुई है और सभी को पुलिस जांच के परिणाम का इंतजार है।








