तमिलनाडु विधानसभा में मुख्यमंत्री विजय ने मंगलवार को शिक्षा व्यवस्था, भाषा नीति और राज्य के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपनी सरकार का दृष्टिकोण विस्तार से रखा। अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि राज्य की नीतियों का मुख्य उद्देश्य सभी वर्गों के विद्यार्थियों और परिवारों को समान अवसर उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET पर अपनी सरकार की आपत्ति दोहराते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें छात्रों की क्षमता का मूल्यांकन व्यापक आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि केवल एक परीक्षा के आधार पर भविष्य तय करने की व्यवस्था कई प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है, विशेषकर उन छात्रों के लिए जो ग्रामीण क्षेत्रों या सीमित संसाधनों वाले परिवारों से आते हैं।
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु लंबे समय से ऐसी शिक्षा प्रणाली का समर्थन करता रहा है, जिसमें छात्रों की स्कूली शिक्षा और शैक्षणिक उपलब्धियों को अधिक महत्व दिया जाए। मुख्यमंत्री के अनुसार, शिक्षा का उद्देश्य केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि सभी छात्रों को आगे बढ़ने के लिए समान अवसर प्रदान करना होना चाहिए।
भाषा नीति पर बोलते हुए विजय ने स्पष्ट किया कि राज्य की दो-भाषा नीति आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि तमिल भाषा राज्य की पहचान और संस्कृति का आधार है, जबकि अंग्रेजी छात्रों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने में सहायता करती है। इसलिए इन दोनों भाषाओं की वर्तमान व्यवस्था को राज्य के हित में बताया गया।
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास की योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि शासन की प्राथमिकता आम नागरिकों का कल्याण, बेहतर शिक्षा, गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं और रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
राजनीतिक आलोचनाओं का उल्लेख करते हुए विजय ने कहा कि उनकी पार्टी जनता के समर्थन और विश्वास के आधार पर आगे बढ़ी है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार का ध्यान केवल जनहित के कार्यों पर रहेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि जनता के सहयोग से राज्य को विकास के नए आयामों तक पहुंचाया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि उनकी सरकार किसी विशेष समूह के बजाय पूरे राज्य के लोगों के हित में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने विधानसभा में मौजूद सभी सदस्यों से राज्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर सकारात्मक सहयोग की अपील की।








