प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बनाया नया राजनीतिक रिकॉर्ड, लगातार सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बने

भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण रिकॉर्ड दर्ज हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार 4,399 दिनों तक देश का नेतृत्व करते हुए भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। इस उपलब्धि के साथ उन्होंने स्वतंत्र भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के लगातार निर्वाचित कार्यकाल के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। राजनीतिक विश्लेषक इसे भारतीय लोकतंत्र में एक ऐतिहासिक पड़ाव मान रहे हैं, क्योंकि यह उपलब्धि लगातार जनादेश, राजनीतिक स्थिरता और नेतृत्व क्षमता का प्रतीक मानी जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी ने मई 2014 में पहली बार प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी। इसके बाद 2019 और 2024 के आम चुनावों में भी उनकी अगुवाई में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) को सरकार बनाने का अवसर मिला। लगातार तीन आम चुनावों में मिली सफलता ने उन्हें देश के सबसे प्रभावशाली और लंबे समय तक सक्रिय रहने वाले नेताओं की श्रेणी में खड़ा कर दिया है।

12 वर्षों में बदली विकास की दिशा

पिछले एक दशक से अधिक समय के दौरान केंद्र सरकार ने कई बड़े कार्यक्रमों और योजनाओं को लागू किया। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे के विस्तार पर विशेष जोर दिया गया। देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों, एक्सप्रेसवे, रेलवे नेटवर्क, मेट्रो परियोजनाओं, हवाई अड्डों और बंदरगाहों के विकास पर बड़े पैमाने पर निवेश किया गया।

सरकार ने डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से सरकारी सेवाओं को ऑनलाइन बनाने और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने का प्रयास किया। आज भारत दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल भुगतान नेटवर्क वाले देशों में शामिल है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी क्षेत्र में हुए इन बदलावों ने शासन व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और सुलभ बनाने में मदद की है।

आर्थिक सुधारों पर रहा फोकस

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल में आर्थिक सुधारों को भी विशेष महत्व दिया गया। विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने, निवेश आकर्षित करने और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न योजनाएं शुरू की गईं। स्टार्टअप इकोसिस्टम के विस्तार और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास ने भारत को वैश्विक निवेशकों के लिए एक प्रमुख बाजार के रूप में स्थापित किया है।

हाल के वर्षों में भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल रहा है। सरकार का दावा है कि आर्थिक सुधारों और बुनियादी ढांचे में निवेश के कारण देश की विकास गति मजबूत हुई है। वहीं आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि रोजगार, कौशल विकास और आय वृद्धि जैसे क्षेत्रों में अभी भी निरंतर प्रयासों की आवश्यकता बनी हुई है।

वैश्विक मंच पर मजबूत हुई भारत की स्थिति

विदेश नीति के क्षेत्र में भी भारत ने पिछले वर्षों में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। वैश्विक आर्थिक मंचों, बहुपक्षीय संगठनों और रणनीतिक साझेदारियों में भारत की भूमिका लगातार मजबूत हुई है। विभिन्न देशों के साथ व्यापार, रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दिया गया।

विश्लेषकों का कहना है कि भारत अब वैश्विक मुद्दों पर अधिक प्रभावशाली आवाज के रूप में उभर रहा है। जलवायु परिवर्तन, आपूर्ति श्रृंखला सुरक्षा, ऊर्जा सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर भारत की भूमिका को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्व दिया जा रहा है।

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उपलब्धि

राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, किसी लोकतांत्रिक देश में लगातार इतने लंबे समय तक निर्वाचित प्रधानमंत्री बने रहना दुर्लभ उपलब्धि मानी जाती है। यह केवल चुनावी सफलता नहीं, बल्कि संगठनात्मक क्षमता, राजनीतिक रणनीति और जनसमर्थन का भी संकेत है।

हालांकि लोकतंत्र में किसी भी सरकार की नीतियों को लेकर समर्थन और आलोचना दोनों मौजूद रहते हैं। विभिन्न सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों पर बहस जारी रहती है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था की स्वाभाविक प्रक्रिया का हिस्सा है। इसके बावजूद लगातार तीन बार राष्ट्रीय स्तर पर जनादेश प्राप्त करना भारतीय राजनीति में एक उल्लेखनीय घटना माना जा रहा है।

विकसित भारत की दिशा में अगला लक्ष्य

सरकार का घोषित लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित करना है। इसके लिए आर्थिक विकास, तकनीकी नवाचार, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और बुनियादी ढांचे के क्षेत्रों में दीर्घकालिक योजनाओं पर काम किया जा रहा है।

Star CG News 24
Author: Star CG News 24

Rajendra Dhote

Leave a Comment

मुंबई : महाराष्ट्र में लंबे समय से बारिश न होने के कारण 18–19 जिलों में “सूखे जैसी स्थिति” घोषित की गई है और राज्य सरकार ने किसानों, पशुओं और पेयजल आपूर्ति के लिए तत्काल राहत व तैयारी के कई निर्णय लिए हैं।

मुंबई : सालियान केस में बड़ा कानूनी मोड़, आदित्य ठाकरे को ₹500 करोड़ का मानहानि नोटिस, दिशा सालियान के पिता सतीश सालियान ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और पूर्व महाराष्ट्र गृह मंत्री अनिल देशमुख को ₹500 करोड़ के मानहानि दावे वाला कानूनी नोटिस भेजा है।

मुंबई : नया मोड़ (सीबीआई जांच): बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद, सीबीआई (CBI) ने इस मामले में सितंबर 2026 में नए सिरे से एफआईआर (FIR) दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।                                 बॉम्बे हाईकोर्ट ने CBI को दिशा सालियान मामले में नए सिरे से व्यापक जांच के निर्देश दिए। अदालत के प्रमुख निर्देश ये थे:

मुंबई : 13 सितंबर 2026: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर मनोज जरांगे पाटील द्वारा 19 सितंबर को मुंबई के आजाद मैदान में प्रस्तावित आंदोलन और अनिश्चित कालीन उपवास को मुंबई पुलिस ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। 

शहर चुनें