देश में एक बार फिर ईंधन और रसोई गैस की कीमतों में तेज बढ़ोतरी ने आम लोगों से लेकर उद्योग जगत तक चिंता बढ़ा दी है। हाल ही में जारी आंकड़ों के अनुसार, जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया है, जो बढ़कर लगभग ₹2.07 लाख प्रति किलोलीटर तक पहुंच गई है। वहीं, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भी ₹195.50 की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इस अचानक आई महंगाई ने खासतौर पर एविएशन सेक्टर को प्रभावित किया है। जेट फ्यूल की कीमतें बढ़ने से एयरलाइंस कंपनियों की लागत में भारी इजाफा हुआ है, जिसका असर आने वाले दिनों में हवाई किरायों पर भी पड़ सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो यात्रियों को महंगे टिकट का सामना करना पड़ सकता है।
दूसरी ओर, कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने से होटल, रेस्टोरेंट और छोटे कारोबारियों की लागत बढ़ गई है। इससे खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खासकर छोटे दुकानदार और ढाबा संचालक इस बढ़ोतरी से ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
ऊर्जा विशेषज्ञों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक आपूर्ति में अस्थिरता इसके प्रमुख कारण हैं। इसके अलावा, रुपये की कमजोरी भी आयातित ईंधन की लागत को बढ़ा रही है।
सरकार की ओर से फिलहाल इस मुद्दे पर कोई बड़ी राहत की घोषणा नहीं की गई है, जिससे आम जनता की चिंताएं और बढ़ गई हैं। हालांकि, कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर वैश्विक स्तर पर कीमतें स्थिर होती हैं, तो आने वाले समय में राहत मिल सकती है।








