अश्विनी भिड़े मुंबई महानगरपालिका (BMC) की पहली महिला आयुक्त (नगर आयुक्त) बनने वाली आईएएस अधिकारी हैं। उन्होंने 31 मार्च 2026 को भूषण गगराणी के स्थान पर बीएमसी आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली है, जिससे 130–150 वर्षों के लंबे इतिहास में बीएमसी के शीर्ष पद पर विराजने वाली पहली महिला आयुक्त बन गईं। अश्विनी भिड़े 1995 बैच की महाराष्ट्र‑कैडर की आईएएस अधिकारी हैं। उन्हें “मुंबई मेट्रो वुमन” या “मेट्रो क्वीन” के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने 2015–2020 के बीच मुंबई मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MMRCL) के प्रबंध निदेशक के रूप में काम किया और शहर की मेट्रो के विकास की जिम्मेदारी निभाई। आयुक्त बनने से पहले करियर भिड़े ने सिंधुदुर्ग, नागपुर आदि जिलों में जिला परिषद की CEO के रूप में जल प्रबंधन और ग्रामीण विकास के मोर्चे पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में वे मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (MMRDA) की अतिरिक्त महानगरीय आयुक्त, राज्यपाल की उप सचिव, बीएमसी की अतिरिक्त आयुक्त (कोविड‑19 काल में) और फिर मुख्यमंत्री कार्यालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव के पद पर रहीं। BMC आयुक्त के रूप में महत्व बीएमसी भारत की सबसे बड़ी और सबसे धनी स्थानीय निकाय है; इसकी आयुक्त पद पर एक महिला अधिकारी की नियुक्ति ऐतिहासिक मानी जा रही है। उनकी नियुक्ति महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अगुवाई में उनके लंबे प्रशासनिक अनुभव और शहरी विकास में निष्ठा को ध्यान में रखकर की है।








