कटक के SCB Medical College and Hospital में हुई दर्दनाक घटना के बाद ओडिशा सरकार ने पूरे राज्य के अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने का फैसला किया है। इस हादसे में 10 मरीजों की मौत हो गई, जिससे प्रशासन पर भी सवाल उठने लगे हैं।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक राज्य सरकार ने सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कराने का निर्णय लिया है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अस्पतालों में आग से बचाव के पर्याप्त इंतजाम मौजूद हों।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अस्पतालों में अक्सर बड़ी संख्या में मरीज भर्ती रहते हैं, जिनमें से कई गंभीर स्थिति में होते हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति में उन्हें सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
कटक की घटना में भी कई मरीजों को तुरंत दूसरे वार्डों में शिफ्ट करना पड़ा। राहत की बात यह रही कि अस्पताल के कर्मचारियों और दमकल विभाग की टीम ने समय रहते कई लोगों को बचा लिया।
Odisha Fire and Emergency Services ने भी इस घटना के बाद अस्पताल प्रशासन को कई अहम सुझाव दिए हैं। इनमें फायर अलार्म सिस्टम को सक्रिय रखना, आपातकालीन निकास मार्गों को साफ रखना और नियमित फायर ड्रिल कराना शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अस्पतालों में सुरक्षा मानकों का पालन बेहद जरूरी है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में बुजुर्ग और गंभीर मरीज मौजूद रहते हैं। छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे में बदल सकती है।
राज्य सरकार ने कहा है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद अगर किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।








