टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय टीम के प्रमुख तेज गेंदबाज Jasprit Bumrah को लेकर टीम मैनेजमेंट और चयनकर्ताओं ने नई रणनीति तैयार की है। रिपोर्ट्स के अनुसार आने वाले समय में उनके मैचों की संख्या सीमित रखी जाएगी ताकि उनकी फिटनेस और प्रदर्शन दोनों को लंबे समय तक बरकरार रखा जा सके।
सूत्रों के मुताबिक Board of Control for Cricket in India (बीसीसीआई) ने खिलाड़ियों के वर्कलोड मैनेजमेंट को लेकर स्पष्ट योजना बनाई है। इसके तहत बुमराह को सालभर में लगभग 30 से 35 मुकाबलों में ही खेलने दिया जाएगा। इससे उन्हें पर्याप्त आराम भी मिल सकेगा और बड़े टूर्नामेंटों में वह पूरी तरह फिट रह पाएंगे।
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि तेज गेंदबाजों के लिए लगातार मैच खेलना शारीरिक रूप से काफी चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में यदि उन्हें बीच-बीच में आराम दिया जाए तो चोट की संभावना कम हो जाती है और खिलाड़ी लंबे समय तक टीम के लिए खेल सकता है।
टी20 विश्व कप के दौरान बुमराह ने कई अहम मौकों पर टीम को सफलता दिलाई थी। उनकी सटीक गेंदबाजी और दबाव में विकेट लेने की क्षमता ने विरोधी टीमों को काफी परेशान किया। इसी वजह से टीम मैनेजमेंट उन्हें भविष्य के बड़े टूर्नामेंटों के लिए सुरक्षित रखना चाहता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार बुमराह को कुछ द्विपक्षीय सीरीज में आराम दिया जा सकता है। खासकर तब जब टीम के पास युवा गेंदबाजों को मौका देने का विकल्प मौजूद होगा। इससे टीम की बेंच स्ट्रेंथ भी मजबूत होगी और नए खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय अनुभव भी मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह रणनीति सही तरीके से लागू की गई तो भारतीय टीम को लंबे समय तक बुमराह की सेवाएं मिल सकती हैं। फिलहाल क्रिकेट प्रशंसक उम्मीद कर रहे हैं कि आने वाले वर्षों में भी वह इसी तरह टीम के लिए मैच जिताने वाले प्रदर्शन करते रहेंगे।








