अकोला महाराष्ट्र — मूर्तिजापुर माना बोरटा सड़क निर्माण में अनियमितता का आरोप, सरपंचने दी आंदोलन की चेतावनी
उपशीर्षक: घटिया निर्माण कार्य और किसानों के खेतों तक जाने वाले रास्ते बंद होने से ग्रामीणों में नाराजगी, जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
मूर्तिजापुर (अकोला): मूर्तिजापुर से बोर्टी फाटा के बीच हाईब्रिड एन्युइटी मॉडल योजना केm 1 अंतर्गत चल रहे सड़क एवं पुलिया निर्माण कार्य में अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बोर्टी ग्राम पंचायत के सरपंच पंकज ओंकार सावले ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता, किसानों के खेतों तक जाने वाले पारंपरिक रास्तों तथा सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते खतरे को लेकर नाराजगी जताई है।
🔴 निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल
प्राप्त समाचार के अनुसार, मूर्तिजापुर–बोर्टी मार्ग का निर्माण कार्य पिछले लगभग दो वर्षों से धीमी गति से चल रहा है। इस दौरान निर्माण कार्य की गुणवत्ता और कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए गए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण के कारण किसानों के खेतों तक जाने वाले पुराने रास्ते बंद हो गए हैं, जिससे उन्हें खेती-किसानो के काम में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
🔴 दुर्घटनाग्रस्त महिला के उपचार की मांग
समाचार में उल्लेख किया गया है कि 15 सितंबर की रात लगभग 8:30 बजे इस मार्ग पर एक महिला दुर्घटना का शिकार हुई थीं। दुर्घटना में महिला के घायल होने और उनके उपचार पर लाखों रुपये खर्च होने का दावा किया गया है। इस मामले में संबंधित निर्माण कंपनी को जिम्मेदार ठहराते हुए उपचार का खर्च उठाने की मांग की गई है। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।
🔴 किसानों को हो रही परेशानी
सड़क निर्माण के कारण खेतों तक पहुंचने वाले पारंपरिक रास्ते बंद होने से किसानों को परेशानी हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि वैकल्पिक रास्तों की उचित व्यवस्था नहीं की गई है। इससे किसानों को खेतों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ गया है।
🔴 महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री से कार्रवाई की मांग
सरपंच पंकज ओंकार सावले ने संबंधित अधिकारियों के माध्यम से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को ज्ञापन देकर मामले की विस्तृत जांच कराने की मांग की है। उन्होंने मांग की है कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच की जाए तथा यदि अनियमितताएं और लापरवाही प्रमाणित होती हैं, तो संबंधित ठेकेदारों एवं जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए।
⚠️ आंदोलन और उपोषण की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो aवे 19 अक्टूबर बोटt फाटा में उपोषण शुरू कर सकते हैं।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कदम उठाता है और किसानों की समस्याओं का समाधान कब तक होता है।








