वाराणसी की संस्कृति संसद 2026 में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विपक्ष पर एक व्यंग्यपूर्ण तुलना की, जिसे कई मीडिया रिपोर्ट्स में उनका “जोक” या तंज कहा गया है।
उनका कहा व्यंग्य
एकनाथ शिंदे ने कहा:
“जैसे पानी के बिना मछली तड़पती है, वैसे ही सत्ता के बिना विपक्ष तड़प रहा है।”
उन्होंने आगे कहा कि जनता ने विपक्ष को तीन बार खारिज किया है, इसलिए उनकी “रिजेक्शन की हैट्रिक” हो गई है।
भाषण का संदर्भ
यह भाषण 4 नवंबर 2026 को वाराणसी के सिगरा स्थित रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में हुई संस्कृति संसद के दूसरे दिन दिया गया।
शिंदे ने कहा कि यह राजनीतिक मंच नहीं है और वे संतों-महंतों का आशीर्वाद लेने आए हैं, लेकिन पीएम मोदी के नेतृत्व और विपक्ष की राजनीति पर भी टिप्पणी की।
उन्होंने कहा कि देश की प्रगति विपक्ष को हजम नहीं हो रही और विपक्ष सत्ता से दूर रहकर बेचैन है।
उनके भाषण का मुख्य विषय धर्म, सनातन संस्कृति और युवाओं को राष्ट्र-निर्माण से जोड़ना था; उन्होंने कहा कि उनके लिए सत्ता से बड़ा धर्म और सिद्धांत है।
एकनाथ शिंदे के वाराणसी भाषण की मुख्य बातें धर्म, सनातन संस्कृति, युवाओं के संस्कार और विपक्ष पर राजनीतिक टिप्पणियों के इर्द-गिर्द थीं। उन्होंने कहा कि उनके लिए सत्ता से बड़ा धर्म और सिद्धांत है।
धर्म और सत्ता
शिंदे ने कहा कि राजनीति का स्थान धर्म के बाद आता है और धर्म के संपर्क से राजनीति पवित्र होती है।
उन्होंने कहा, “धर्म की रक्षा के लिए सत्ता मेरे लिए तिनके की तरह है। सत्ता से ऊपर धर्म और सियासत से बड़ा सिद्धांत होता है।”
उन्होंने संतों की हत्या के बाद सत्ता छोड़ने का उल्लेख किया और कहा कि वे धर्मरक्षा के लिए अंतिम क्षण तक समर्पित रहेंगे।
युवाओं और संस्कार
उन्होंने नई पीढ़ी को किताबी शिक्षा के साथ देश के गौरवशाली इतिहास से जोड़ने पर जोर दिया।
बच्चों में संस्कार विकसित करने के लिए बाल संस्कार केंद्र स्थापित करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि युवाओं को सनातन संस्कृति, अध्यात्म और राष्ट्र-निर्माण से जोड़ना जरूरी है।
विपक्ष पर हमला
राहुल गांधी की पीएम मोदी से बहस की चुनौती पर शिंदे ने कहा कि विपक्ष सत्ता के बिना “पानी के बिना मछली” की तरह तड़प रहा है।
उन्होंने कहा कि जनता ने विपक्ष को तीन बार नकारा है, इसलिए यह उनकी “रिजेक्शन की हैट्रिक” है।
उन्होंने विपक्ष पर चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय जैसी संवैधानिक संस्थाओं का अपमान करने का आरोप लगाया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के परिवार पर अपमानजनक टिप्पणियां राजनीति का निम्न स्तर है और विदेश में देश की आलोचना देशभक्ति नहीं है।
पीएम मोदी के पक्ष में बयान
शिंदे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश को आर्थिक महाशक्ति बनाने और विकास के लिए काम कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष को देश की प्रगति हजम नहीं हो रही और वह बार-बार पीएम पर आरोप लगाता है।
उन्होंने दावा किया कि पीएम पर जितनी आलोचना होगी, जनता विपक्ष को उतना ही जवाब देगी।
सम्मान और कार्यक्रम
संस्कृति संसद में शिंदे को ‘सनातन मार्तंड’ पुरस्कार और ‘धर्मध्वजाधारक’ की उपाधि दी गई।
उन्होंने इसे अपना नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र की जनता का सम्मान बताया।








