अमेरिकी मिडटर्म चुनाव की वोटिंग से पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प को दो बड़ी बुरी खबरें मिली हैं: रिपब्लिकन पार्टी सर्वे में पीछे है, और सुप्रीम कोर्ट ने उनके प्रशासन की डाक से आए मतपत्रों को रोकने की कोशिश खारिज कर दी है।
सर्वे में रिपब्लिकन पीछे
रॉयटर्स-इप्सोस के सर्वे के अनुसार, कांग्रेस चुनाव के लिए डेमोक्रेट्स को लगभग 46–47% और रिपब्लिकन को 36–38% समर्थन मिल रहा है। अर्थात ट्रम्प की पार्टी वोटिंग से पहले ही लगभग 8–11 अंक पीछे दिख रही है।
अर्ली वोटिंग या पंजीकृत मतदाताओं के आंकड़ों में भी डेमोक्रेट्स की बढ़त दिख रही है: एक रिपोर्ट के अनुसार पार्टी-पंजीकृत अर्ली वोटर्स में 46% डेमोक्रेट और 39% रिपब्लिकन थे।
अदालत से झटका
ट्रम्प प्रशासन ने दावा किया था कि कैलिफोर्निया में लगभग 20,000 डाक मतपत्र गैर-अमेरिकी नागरिकों के हैं और उन्हें रद्द किया जाए। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने यह मांग खारिज कर दी, जिससे ट्रम्प की वोटिंग-प्रक्रिया पर दखल देने की कोशिश को बड़ा कानूनी झटका लगा।
ट्रम्प के लिए क्या दांव पर है
यह चुनाव सीधे राष्ट्रपति पद के लिए नहीं है, इसलिए ट्रम्प की कुर्सी अभी खतरे में नहीं है।
लेकिन अगर डेमोक्रेट्स प्रतिनिधि सभा या सीनेट जीतते हैं, तो ट्रम्प के कानून पास कराने की क्षमता सीमित होगी और उनके प्रशासन की जांच संभव हो सकती है।
कई विश्लेषण डेमोक्रेट्स को प्रतिनिधि सभा में बहुमत दिलाने का अनुमान लगा रहे हैं, जबकि सीनेट का मुकाबला काफी कड़ा बताया जा रहा है।
वोटिंग 3 नवंबर को अमेरिकी समय से शुरू हुई, यानी भारतीय समयानुसार 4 नवंबर की सुबह से; नतीजों की गिनती वोटिंग खत्म होने के बाद शुरू होगी।







