मालेगांव महानगरपालिका में बड़ा खुलासा: सेवानिवृत्ति से दो दिन पहले आयुक्त रवींद्र जाधव एसीबी की गिरफ्त में
मालेगांव (महाराष्ट्र): महाराष्ट्र एंटी-करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने मालेगांव महानगरपालिका के आयुक्त एवं प्रशासक रवींद्र जाधव को 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगने के आरोप में गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई उनकी सेवानिवृत्ति से महज दो दिन पहले हुई, जिससे पूरे महानगरपालिका प्रशासन में हड़कंप मच गया है।
रिश्वत का आरोप
आरोप है कि ठेआयुक्त रवींद्र जाधव केआयुक्त रवींद्र जाधव दार के दो कामों के बिल स्वीकृत करने के बदले आयुक्त जाधव ने 80 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। इन बिलों की कुल राशि करीब 20 लाख रुपये बताई जा रही है।
ठेकेदार की शिकायत के बाद नाशिक विभाग के एसीबी ने जांच की और 29 अक्टूबर 2026 को रिश्वत लेते समय आयुक्त जाधव को गिरफ्तार कर लिया।
तीन लोग गिरफ्तार
इस मामले में आयुक्त के अलावा उनके निजी सहायक नीलेश पाटील और लेखापाल हरीश डिंबर को भी एसीबी ने गिरफ्तार किया है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 12 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
घरों से लाखों की नकदी बरामद
गिरफ्तारी के बाद एसीबी ने आरोपियों के घरों पर छापेमारी की। आयुक्त जाधव के घर से करीब 21 लाख 25 हजार रुपये, निजी सहायक नीलेश पाटील के घर से 31 लाख 15 हजार रुपये और लेखापाल हरीश डिंबर के घर से 13 लाख रुपये नकद बरामद होने की खबर है।
अदालत में पेश
आरोपियों को मालेगांव स्थानीय अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें दो दिन की पुलिस कस्टडी दी गई है। एसीबी आगे आर्थिक जांच और संबंधित दस्तावेजों की जांच जारी रखे हुए है।
आयुक्त रवींद्र जाधव 31 अक्टूबर 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले थे, लेकिन उससे दो दिन पहले रिश्वत मामले में गिरफ्तारी ने मालेगांव महानगरपालिका प्रशासन में बड़ी खलबली पैदा कर दी है।







