शिवसेना (UBT) के ठाणे विभाग प्रमुख प्रदीप पूर्णेकर की हत्या राजनीतिक और सामाजिक विवाद के चलते हुई है, जिसमें ड्रग रैकेट का विरोध करना प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
हत्या का मुख्य कारण
पुलिस जांच और आरोपी की कबूलियों के मुताबिक:
ड्रग रैकेट का विरोध: पूर्णेकर ने मानपाडा इलाके में चल रहे ड्रग रैकेट का विरोध किया था और इसकी शिकायत पुलिस के पास दर्ज कराई थी।
राजनीतिक दुश्मनी: यह इलाका शिंदे गुट (शिवसेना के दूसरे गुट) के प्रभाव क्षेत्र में आता है, जहाँ उनके कार्यकर्ता भी ड्रग रैकेट में शामिल बताए जा रहे हैं।
राजकीय-सामाजिक विवाद: गिरफ्तार आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या राजनीतिक और सामाजिक मुद्दों पर हुए विवाद के चलते की गई।
घटना का विवरण
समय और स्थान: मंगलवार, 29 सितंबर 2026 की रात करीब 9 बजे, मानपाडा-गणेश नगर स्थित उनके पार्टी कार्यालय में।
हमले का तरीका: 3-4 अज्ञात हमलावर कार्यालय में घुसे, पहले मारपीट की, फिर 5 राउंड फायरिंग की। दो गोलियां लगने से वे गंभीर घायल हो गए और अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
हमलावरों की पहचान: पुलिस को 5 संदिग्धों के शामिल होने का शक है, जिनमें निखिल यादव, पप्या शिंदे, आकाश निमसे, संतोष कनोजिया और एक अज्ञात व्यक्ति शामिल हैं।
गिरफ्तारियां और जांच
गिरफ्तार: पप्या शिंदे को गिरफ्तार किया गया है, जिसने हमलावरों को पूर्णेकर की पहचान कराने में मदद की।
हिरासत में: आकाश निमसे को हिरासत में लिया गया है।
बाकी फरार: अन्य 3-4 आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश के लिए पुलिस और क्राइम ब्रांच की 9 टीमें लगाई गई हैं।
परिवार के गंभीर आरोप
पूर्णेकर के पुत्र राम पूर्णेकर ने पूर्व महापौर मीनाक्षी शिंदे और राजेंद्र शिंदे पर सीधे आरोप लगाए हैं कि उन्होंने धमकी दी थी और बैठक बुलाकर यह हत्या करवाई।
पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है और बाकी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।








